निमृत कौर अहलूवालिया अपने भाई अर्पित और मौसेरे भाई के साथ
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'मैं उसकी बड़ी बहन नहीं, बल्कि उसकी दूसरी मां हूं'
अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में निमृत कहती हैं, 'रक्षाबंधन मेरे लिए सिर्फ एक रस्म नहीं है। यह उस जुड़ाव की याद है जो मेरे और मेरे छोटे भाई अर्पित के बीच है। हम दोनों के बीच सिर्फ खून का रिश्ता नहीं है, बल्कि एक गहरा इमोशनल कनेक्शन है। मुझे हमेशा ऐसा लगता है, जैसे मैं उसकी बड़ी बहन नहीं, बल्कि उसकी दूसरी मां हूं। जब से वह छोटा था, मुझे उसकी बहुत चिंता रहती थी और आज भी वैसा ही महसूस होता है'।