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Mukesh Death Anniversary: मुकेश ने फिल्म 'निर्दोष में किया था अभिनय, पहला गाना अपनी बहन की शादी में था गाया

Tue, 27 Aug 2024 07:54 AM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

मुकेश चंद माथुर का जन्म 22 जुलाई 1923 को हुआ था, जिन्हें मुकेश के नाम से बेहतर जाना जाता है। मुकेश एक भारतीय पार्श्व गायक थे। मुकेश को हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे लोकप्रिय और पार्श्व गायकों में से एक माना जाता है। उनके द्वारा गाए गीत आज भी दर्शकों को बेहद पसंद हैं। मुकेश ने अपने जमाने के कई दिग्गज कलाकारों को अपनी आवाज दी। जिनमें अभिनेता राज कपूर, मनोज कुमार, फिरोज खान, सुनील दत्त और दिलीप कुमार शामिल हैं। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी कुछ बातों को याद करते हैं।
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दिवंगत सिंगर मुकेश - फोटो : सोशल मीडिया
मुकेश चंद माथुर का जन्म 22 जुलाई 1923 को हुआ था, जिन्हें मुकेश के नाम से बेहतर जाना जाता है। मुकेश एक भारतीय पार्श्व गायक थे। मुकेश को हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे लोकप्रिय और पार्श्व गायकों में से एक माना जाता है। उनके द्वारा गाए गीत आज भी दर्शकों को बेहद पसंद हैं। मुकेश ने अपने जमाने के कई दिग्गज कलाकारों को अपनी आवाज दी। जिनमें अभिनेता राज कपूर, मनोज कुमार, फिरोज खान, सुनील दत्त और दिलीप कुमार शामिल हैं। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी कुछ बातों को याद करते हैं।
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दिवंगत सिंगर मुकेश - फोटो : सोशल मीडिया
यूं तो मुकेश ने अपने जमाने के सभी लीड एक्टर्स के लिए गाने गाए हैं लेकिन सबसे ज्यादा उन्होंने शोमैन राज कपूर के लिए गाए हैं। इनमें 'दोस्त-दोस्त ना रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'सजन रे झूठ मत बोलो', 'कहता है जोकर', 'दुनिया बनाने वाले', 'आवारा हूं' और 'मेरा जूता है जापानी' सहित अनेक गाने शामिल हैं।
 
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दिवंगत सिंगर मुकेश - फोटो : सोशल मीडिया
मुकेश का जन्म 22 जुलाई 1923 को दिल्ली में एक माथुर कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता जोरावर चंद माथुर, एक इंजीनियर और चंद्रानी माथुर थे। वह दस बच्चों के परिवार में छठे थे। संगीत शिक्षक जो मुकेश की बहन सुंदर प्यारी को पढ़ाने के लिए घर आए थे, उन्हें मुकेश में एक शिष्य मिला। मुकेश ने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। उन्होंने दिल्ली में अपनी नौकरी के दौरान वॉयस रिकॉर्डिंग के साथ प्रयास किया और धीरे-धीरे अपनी गायन क्षमताओं को विकसित किया।

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दिवंगत सिंगर मुकेश - फोटो : सोशल मीडिया
मुकेश की आवाज पर सबसे पहले एक्टर और प्रडोड्यूसर मोतीलाल ने ध्यान दिया था, जो उनके दूर के रिश्तेदार थे, जब उन्होंने अपनी बहन की शादी में गाना गाया था। मोतीलाल उन्हें बॉम्बे ले गए और पंडित जगन्नाथ प्रसाद से गायन की शिक्षा दिलवाई। इस दौरान मुकेश को हिंदी फिल्म 'निर्दोष' (1941) में अभिनेता-गायक के तौर पर भूमिका की पेशकश की। उनका पहला गाना "दिल ही बुझा हुआ हो तो" था, जो एक अभिनेता-गायक के तौर पर नीलकंठ तिवारी द्वारा लिखित 'निर्दोष' के लिए था। पार्श्वगायक के तौर पर उनका पहला हिट गाना 1945 में अभिनेता मोतीलाल के लिए फिल्म 'पहली नजर' में गाया "दिल जलता है तो जलने दे" था।
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दिवंगत सिंगर मुकेश - फोटो : सोशल मीडिया
 मुकेश यूएसए टूर पर थे, जब उनका निधन हुआ था। मुकेश का निधन 27 अगस्त 1976 को हुआ था। 53 साल के मुकेश की हार्ट अटैक से मौत हुई थी। तब सिंगर करियर में पीक पर थे। पर चंद मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया।
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