मिथुन चक्रवर्ती
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स्वामी विवेकानंद से पहले मिथुन की जो फिल्में 1997 में रिलीज हुईं, उनके नाम रहे शपथ, जोड़ीदार, लोहा, कालिया, गुड़िया, दादागिरी, सूरज, जीवन युद्ध और क्रांतिकारी। और फिर अगले साल यानी 1998 में मिथुन की 17 फिल्में रिलीज हुईं। इन फिल्मों में शामिल थीं, शेर ए हिंदुस्तान, हत्यारा, चांडाल, हिटलर, देवता, मर्द, यमराज, गुंडा वगैरह वगैरह। सिंगल स्क्रीन के सिनेमाघरों में ये फिल्में खूब चलीं और खूब पैसा भी इनके निर्माताओं ने इनसे कमाया। लेकिन, इसी साल रिलीज हुई फिल्म स्वामी विवेकानंद से मिथुन चक्रवर्ती ने अपने एक्टिंग करियर का तीसरा नेशनल फिल्म अवॉर्ड कमाया। नेशनल फिल्म अवॉर्ड की ज्यूरी ने जब ये फिल्म देखी तो हैरान रह गई। किसी को समझ ही नहीं आया कि ये वही मिथुन चक्रवर्ती है जो शर्ट बदलकर एक लोकेशन पर तीन फिल्में शूट कर देता है। ऋषिकेश मुखर्जी तब बोले, ‘ये फिल्म ऐसी है जिसके आगे हर अवॉर्ड बेकार है। ऐसा अभिनय बस ईश्वर ही किसी से करा सकता है, किसी इंसानी निर्देशक की तो बिसात ही क्या। हमें इसके लिए तुम्हें अवॉर्ड तो देना ही है लेकिन फिल्म में चूंकि टाइटल रोल किसी और ने किया है तो बेस्ट एक्टर अवार्ड देना ठीक नहीं रहेगा, हम सब तुम्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड देते हैं।’