शतरंज के खिलाड़ी
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अटनबरो का अलबेला जवाब
फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ में ऑट्र्म के किरदार के लिए रिचर्ड अटनबरो की कास्टिंग करने के लिए निर्माता और निर्देशक दोनों लंदन गए थे। मेफेयर के गेलॉर्ड रेस्तरां में दोनों की मुलाकात हुई। रे और रिचर्ड दोनों एक दूसरे को फिल्म उत्सवों में मिलते रहने की वजह से जानते थे। और, यह रिचर्ड अटनबरो ही थे जिन्होंने पहले कभी रे के साथ काम करने की इच्छा जाहिर कर रखी थी। रिचर्ड उन दिनों अपनी फिल्म ‘ए ब्रिज टू फार’ के संपादन में व्यस्त थे, लेकिन रे की प्रतिष्ठा ने उनको खाने की टेबल पर ला दिया था। सत्यजीत रे को पता था कि जिस कद के रिचर्ड अटनबरो हैं, उस कद का किरदार फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ का नहीं है, लेकिन जैसे शबाना ने जवाब दिया था कि वह सत्यजीत रे की फिल्म के किसी एक सीन में भी झाड़ू लेकर खड़ा रहना पसंद करेंगी, अटनबरो ने भी वैसा ही कुछ बोला। सत्यजीत रे उनसे कहा, ‘रिचर्ड, मैं जानता हूं कि ये बहुत बड़ा रोल नहीं है, लेकिन जहां तक मेरी बात है, मैं जानता हूं कि ये रोल सिर्फ आप ही कर सकते हो।’ एक निर्देशक का आभामंडल कैसे सामने वाले कलाकार को प्रभावित करता है, इसका प्रमाण उस दिन का अटनबरो का जवाब है। उन्होंने कहा, ‘सत्यजीत, मैं तो तुम्हारी फिल्म में किसी टेलीफोन डायरेक्टरी का वाचन करके भी खुश ही रहूंगा।’ एक कलाकार और एक निर्देशक का रिश्ता ऐसा बिरले ही बनता है।