बनिता संधु
डैन क्यूट-सा बंदा है और मासूम बातें करता है। वह पांच सितारा माहौल में फिट नहीं हो पाता। जबकि शिउली संजीदा और बुद्धिमान है। एक रात शिउली पार्टी के दौरान होटल की तीसरी मंजिल से गिर कर कोमा में चली जाती है। इसके बाद डैन सिर्फ अस्पताल के चक्कर लगाता है। दिन, हफ्ते, महीने बीतते जाते हैं। उसे विश्वास है कि शिउली एक दिन जरूर कोमा से बाहर आएगी। वह उससे बिना इजहार वाला प्यार करता है। असल में, अक्टूबर प्रेम कहानी नहीं है बल्कि प्रेम के बारे में कहानी है। जिसमें कितना प्रेम देखना है, यह आप ही तय करें। वरुण धवन के करिअर की यह अब तक की सबसे ठंडी फिल्म है।