सोनू के टीटू की स्वीटी
कहानी थोड़ी इंट्रेस्टिंग है। आज का युवा कई कई बार प्यार में पड़ता है ऐसा ही है टीटू जो बार-बार प्यार में पड़ता है, लेकिन हर बार गलत लड़की के चक्कर में पड़कर उसका दिल टूट जाता है। दिल टूटने पर उसका बचपन का भाई सरीखा दोस्त सोनू न केवल उसे रोने के लिए कंधा देता है, बल्कि उसे गलत लड़की के चंगुल से बचाता भी है। 13 साल की उम्र में मां के गुजर जाने के बाद सोनू को टीटू के परिवार ने ही पाला है और वह उसी परिवार को अपना परिवार समझता है। इस परिवार में दादा घसीटा दादी, मम्मी, पापा और मामा हैं। ये सभी सदस्य सोनू को अपने बेटे और वारिस की तरह ही प्यार करते हैं। वह भी पूरे परिवार को अपना परिवार मानता है।
इस फिल्म में सेंसर बोर्ड की एक कार्रवाई पर आपको हंसी आ सकती है। कई सीन में एक प्रचलित गाली को बार-बार म्यूट किया गया है लेकिन शराब वाले एक गीत को धुआंधार डांसिग मोड में दिखाया गया है। जिसमें लड़की को न केवल व्हिसकी पसंद है बल्कि वह छोटे छोटे पैग भी पीती है।