संजू फिल्म इस बात की गवाह है कि अगर आपके पास बेशुमार दौलत हो, तो आप न केवल अपनी जीवनी लिखना-छपवा और बंटवा सकते है, बल्कि राजकुमार हिरानी से फिल्म भी बनवा सकते है। जो आदमी अपनी मां का न हुआ, बाप का न हुआ, बहन का न हुआ, दोस्त का न हुआ, प्रेमिका का न हुआ, पुरानी बीवियों ऋचा शर्मा और रिया पिल्लई का न हुआ, देश का नहीं हुआ, कैंसर से लड़ रही मां के अस्पताल के वार्ड में नशाखोरी करता रहा, खास दोस्त की होने वाली बीवी के साथ हमबिस्तर हो गया, वह आदमी भी इस नाम पर सहानुभूति बटोर लेता है कि उसकी जिंदगी कितने उतार-चढ़ाव से भरपूर है।
राजकुमार हिरानी के लिए अब दाऊद की कहानी पर फिल्म बनाना ही बाकी है, जिसके साथ भी इस अत्याचारी मुल्क भारत ने बहुत जुल्म किए और देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। पुलिस और रॉ तक उसके पीछे पड़ी है और वह बेचारा जैसे-तैसे क्रिकेट का सट्टा और दूसरे धंधे करके पापी पेट भर रहा है।