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Review: 'मोतीचूर चकनाचूर' देखने से पहले पढ़ें नवाजुद्दीन से कहां हुई गलती, इतने मिले स्टार

Fri, 15 Nov 2019 12:54 PM IST
shrilata biswas पंकज शुक्ल, मुंबई
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मोतीचूर चकनाचूर - फोटो : सोशल मीडिया
कलाकार: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अथिया शेट्टी, विभा छिब्बर, नवनी परिहार, करुणा पांडे और विवेक मिश्रा
निर्देशक: देबमित्रा बिस्वाल
निर्माता: राजेश भाटिया, किरण भाटिया और वॉयकॉम 18 पिक्चर्स

इस समय दुनिया सबसे ज्यादा ऐसे वीडियो देख रही है जिसे देखकर वह कुछ देर के लिए अपनी परेशानियां भूल जाए। कॉमेडी का बोलबाला है। इसी के सहारे आयुष्मान खुराना हिंदी सिनेमा के चोटी के सितारों में शुमार हो चुके हैं। और चोटी के सितारों में शुमार रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी? सेक्रेड गेम्स जैसी सीरीज को अपने जीवन का उनवान बना चुके नवाजुद्दीन खुद पर फब सकने वाली कहानियां तलाश कर पाने में बार बार मात खा रहे हैं। लगातार फ्लॉप फिल्मों के मामले में वह सेक्रेड गेम्स के अपने साथी कलाकार सैफ अली खान से कॉम्पिटीशन करते दिखने लगे हैं।
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मोतीचूर चकनाचूर - फोटो : सोशल मीडिया
सेक्रेड गेम्स के दूसरे सीजन ने नवाजुद्दीन का आभामंडल चकनाचूर किया है। निर्देशक देबमित्रा की इस फिल्म में वह मोतीचूर की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दुबई से नौकरी छोड़कर आए 36 साल के पुष्पेंद्र त्यागी को किसी भी तरह बस एक बीवी चाहिए। इसके लिए उसकी कोई खास पसंद भी नहीं है। पसंद तो क्या वह नापसंद की हद तक जाकर भी शादी करने को तैयार है। पड़ोस की 25 साल की एनी को विदेश जाकर अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डालनी हैं। उसे दूल्हा एनआरआई चाहिए जो उसकी विदेश में बसने की टिकट और वीजा दोनों बन सके। फिल्म में दोनों के परिवार हैं। घरों के बीच की दीवार है और खूब सारा हाहाकार है। बस चमत्कार नहीं है। 
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मोतीचूर चकनाचूर - फोटो : सोशल मीडिया
देबमित्रा ने अपनी ही लिखी कहानी पर मोतीचूर चकनाचूर बनाई है तो फिल्म के इस हाल में बनकर सामने आने का पूरा ठीकरा उन्हीं पर फूटना है। यही वो फिल्म है जिसके पोस्ट प्रोडक्शन में किसी तरह के दखल न देने का कानूनी नोटिस इसके निर्माताओं ने अथिया के पिता सुनील शेट्टी के लिए जारी किया था। और, फिल्म देखने के बाद समझ आता है कि सुनील शेट्टी क्यों अपनी बेटी की इस तीसरी फिल्म को लेकर परेशान रहे होंगे। 

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मोतीचूर चकनाचूर - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म की कहानी दर्शकों के लिए बोझ है तो इसकी पटकथा इतनी सुस्त है कि बीच में दस पांच मिनट का ब्रेक लेकर भी लौट आएं तो कुछ ज्यादा मिस नहीं करेंगे। संवाद भूपेंद्र सिंह मेघव्रत ने लिखे हैं और ये बजाय किरदारों को स्थापित करने के उनका रंग बदरंग करते हैं। नमूना है, सुहागरात के बाद चौबारे में जमी पड़ोसियों की भीड़ देखकर त्यागी का ये संवाद, बीवी हम लाए, मनोरंजन मोहल्ले का हो रहा है।
हिंदी सिनेमा में गैर चॉकलेटी सितारों ने खूब शोहरत बटोरी है। पिछली पीढ़ी के नसीरुद्दीन शाह और ओमपुरी ने कॉमेडी करते हुए अपनी सीमाएं समझे रखीं। इरफान खान ने हिंदी मीडियम जैसी फिल्मों में यही किया। लेकिन, नवाजुद्दीदन सिद्दीकी इसमें चूक जा रहे हैं। उनकी सलाहकार मंडली ने भी उन्हें बहकाने में कम कसर नहीं छोड़ी है। 
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मोतीचूर चकनाचूर - फोटो : सोशल मीडिया
इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी का अभिनय ऐसा है कि जैसे सेक्रेड गेम्स का गणेश गायतोंडे शादी करने की जिद लेकर निकल पड़ा हो। चेहरे पर निरापद भाव। कैमरे को देखकर बिना किसी खास देह संतुलन के बोले गए संवाद। और, कहानी के किसी भी किरदार के साथ त्यागी के किरदार तालमेल न बन पाना। यही हाल अथिया का है। हां, साथी कलाकारों में विभा छिब्बर और करुणा पांडे जरूर प्रभावित करती हैं।
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मोतीचूर चकनाचूर - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म एक निर्देशक का कोई दृष्टिकोण भी लेकर नहीं आती। सुंदर न होना या फिर किसी खास देश का वासी होना अब सामाजिक कमी नहीं है। लेकिन, इन पर निशाना साधना एक बुद्धिजीवी इंसान की अपने हुनर पर पकड़ न होने की निशानी है। तकनीकी टीम भी निर्देशक ने कुछ खास नहीं चुनी। सुहास गुजराती की सिनेमैटोग्राफी और प्रवीण की एडिटिंग में सुधार की बहुत गुंजाइश दिखती है। इस वीकएंड अगर मूवी आउटिंग का प्लान है तो मोतीचूर चकनाचूर को आप स्किप कर सकते हैं। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म चकनाचूर को मिलते हैं डेढ़ स्टार।
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