माया मेमसाब
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इस किस्से को लेकर शाहरुख को बाद में तब बहुत अफसोस हुआ जब उन्हें पता चला कि जिस शख्स पर वह बिगड़े और जिसके घर पर जाकर उन्होंने हल्ला काटा, उसका इस पूरी रिपोर्ट से कोई लेना देना नहीं था। नेताओं के बारे में भी कुछ तीखी टिप्पणी एक बार शाहरुख खान ने की थी तो अमर सिंह ने उन्हें इसका सबक सिखाने का एलान किया था और कहा था कि शाहरुख बेइज्जती सार्वजनिक करते हैं और माफी अकेले में मांगते हैं। खैर, हम लौटते हैं अपनी आज के बाइस्कोप की फिल्म माया मेमसाब की तरफ। फिल्म के जिस सीन को लेकर इतना बखेड़ा हुआ, उसे देखने के लिए स्कूल कॉलेजों के छात्र भर भरकर ये फिल्म देखने पहुंचे लेकिन फिल्म से ये सीन सेंसर बोर्ड ने ऐन मौके पर निकाल दिया। तब यूट्यूब, व्हाट्सएप या दूसरे सोशल मीडिया थे नहीं लेकिन फिल्म में से सीन काटे जाने की खबर शनिवार तक ही जमाने को हो चुकी थी और रिलीज डेट के बाद आए संडे को कानपुर की सुंदर टॉकीज में इसे देखने गिनती के लोग ही पहुंचे थे। हां, बहुत बाद में यानी कि साल 2008 में फिल्म से कटा ये सीन यूट्यूब पर अवतरित हुआ और ईमेल के जरिए ये कॉरपोरेट जगत में खूब वायरल हुआ था।
अगर आपने नेटफ्लिक्स पर अमेरिका के लोकप्रिय टीवी होस्ट डेविड लेटरमैन का शो देखा है तो उसमें भी शाहरुख के हवालात खाने वाले किस्से का जिक्र है। इस शो में शाहरुख ने माना है कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें कुछ घंटे हवालात में गुजारने पड़े थे। शो में शाहरुख कहते हैं, 'मैं तब नया नया आया था और हर खबर पर जो कुछ भी उसमें लिखा हो, उस पर रीएक्ट तुरंत कर जाता था। शुक्र है कि तब सोशल मीडिया नहीं था। कल्पना कीजिए कि जिस तरह का तब लिखा जाता था। मुझे बहुत गुस्सा आया तो मैंने मैगजीन के संपादक को फोन किया। मैंने उनसे पूछा कि क्या ये उन्होंने लिखा है। तो उनका जवाब था कि ये सिर्फ एक मजाक है और मुझे इसे इतना गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मैं इसके बाद उनके ऑफिस गया और बहुत बवाल किया।'