गुजरात के नाडियाड से सन 55 में बंबई आए अब्दुल करीम नाडियाडवाला की अरबों की संपत्ति मुंबई के मलाड में रही है। उन्होंने दर्जनों फिल्में बनाईं और उनके नाम पर मुंबई के रास्ते भी बने। अब्दुल करीम नाडियाडवाला फिल्म इंडस्ट्री में ए के नाडियाडवाला के नाम से मशहूर रहे। उनके बेटे सुलेमान नाडियाडवाला के बेटे साजिद के बारे में मुंबई के पुराने लोग यही बताते हैं कि इसने बड़ी मेहनत से प्रोडक्शन का काम सीखा और फिर अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी खोली। साजिद के जे पी दत्ता की फिल्म गुलामी में भी असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने की बात सामने आती है, निर्देशक वह बहुत बाद में फिल्म ‘किक’ से बने।
गोविंदा से दोस्ती ने साजिद को फिल्म प्रोड्यूसर बनाया। अपनी दूसरी ही फिल्म ‘वक्त हमारा है’ में साजिद उस समय के दो बड़े सितारों अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी को साथ लाए। इसी फिल्म के सिलसिले में साजिद और सुनील शेट्टी कानपुर आए और इसी दौरान मेरी उनसे पहली मुलाकात हुई और लंबी बात हुई। इसके बाद उनके दफ्तर में, इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल की बैठकों में और फिल्मों के सिलसिले में साजिद से तमाम मुलाकातें होती रहीं। साजिद के इशारों पर सितारे नाचने को तैयार रहते हैं, लेकिन खुद साजिद बहुत ही विनम्र, दूसरों का ख्याल रखने वाले और वादे के पक्के इंसान हैं।