simmba screening
रोहित शेट्टी की फिल्म सिम्बा उनके अपने ही रचे सिंघम के संसार को आगे बढ़ाती है। लेकिन, इस संसार में सिंघम को देखकर बड़ी हुई पीढ़ी का नया चेहरा है। ये चेहरा ऐशो आराम की जिंदगी जीना चाहता है। सिंघम के ईमान में इसलिए दम था क्योंकि उसकी जरूरतें कम थीं। सिम्बा काइयां है। वह अपने आसपास की जरायम की दुनिया में हिस्सेदारी चाहता है। हिस्सा उसको मिलता भी है लेकिन बेइज्जती के साथ। फिर हिंदी सिनेमा के टिपिकल फॉर्मूले की फिल्म में एंट्री होती है। सिंघम भी कहानी में आता है। सिम्बा को जिंदगी के सबक मिलते हैं। और, वह विलेन को हराकर हीरो बन जाता है।