हिंदी सिनेमा के नए जंपिंग जैक रणवीर सिंह की फिल्म गली बॉय हिंदी सिनेमा के युवा शौकीनों के लिए वैलेंटाइंस डे गिफ्ट है। मशहूर रैपर्स नेज़ी और डिवाइन की ज़िंदगियों से प्रेरित फिल्म की कहानी मुंबई की झोपड़पट्टियों में रहने वालों के जीवट की जीती जागती दास्तां हैं।
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Gully Boy
- फोटो : social media
फिल्म की कहानी एक कार ड्राइवर के बेटे मुराद के ईद गिर्द घूमती है। उसने जीवन में बचपन का प्यार भी है और आगे बढ़ने के लिए सपने भी। दो वक्त की रोटी कमा लेने को ही जीवन की कामयाबी मान लेने वालों के बीच मुराद का दम घुटता है। उसकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट आता है जब एक शख्स की उसकी जिंदगी में एंट्री होती है। कहानी में यहां एंट्री होती है स्काई की। तीनों मिलकर कुछ ऐसा करते हैं और मुराद बन जाता है गली बॉय।
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gully boy
- फोटो : file photo
बतौर निर्देशक जोया अख्तर के सबसे अच्छे कामों की लड़ी में एक और कड़ी इस फिल्म के साथ जुड़ गई है। ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा के बाद उनकी यह दूसरी फिल्म होगी जो दर्शकों को काफी पंसद आने वाली है। फिल्म में धारावी की गरीबी और तौर तरीके सही ढंग से दर्शाए गए हैं हालांकि बाकी की मुंबई का कुछ पता इस फिल्म से नहीं चलता।
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gully boy
- फोटो : tw
देखा जाए तो फिल्म में ऐसे बहुत कम सीन्स हैं जो बता सकें कि कहानी मुंबई की है। यहां की बोली और यहां की खोली समझने वाले ही बता सकते हैं कि फिल्म मुंबई में बनी है। सिनेमैटोग्राफर जय ओजा ने फिल्म को उसका कलेवर देने में काफी मेहनत की है लेकिन डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफर का तालमेल काफी बेहतर होने की गुंजाइश फिल्म में बाकी रह गई है।
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ranveer singh
- फोटो : twitter
अभिनय के लिहाज से देखें तो नए अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी ने कमाल का काम किया है, कई दृश्यों में तो वह रणवीर के किरदार पर भारी भी पड़े हैं। फिल्म में आलिया का रोल बहुत ज्यादा नहीं है पर जितना भी है तारीफ के लायक है। रणवीर कॉलेज स्टूडेंट के हिसाब से काफी बड़े लगते हैं पर मुंबई की टपोरी बोली पर उनकी पकड़ उन्हें बचा ले गई। रणवीर को आगे अपने किरदार सलीके से चुनने होंगे नहीं तो पहले सिम्बा और अब गली बॉय की कामयाबी का क्रेडिट भी उनके बजाय निर्देशक के खाते में जमा होने वाला है। कल्कि केकलां अपना काम बखूबी करने में कामयाब रहीं।
फिल्म चूंकि संगीत की कहानी है लिहाजा इसके संगीत पर की गई मेहनत ही फिल्म की जान है। फिल्म में कुल 18 गाने हैं जो राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्मों की याद दिलाते हैं। गानों को कही लिप सिंक तो कहीं बैकग्राउंड में इस्तेमाल किया गया है। रैप आज की जेनरेशन का म्यूजिक है और फिल्म भी उन्हीं के हिसाब से बनी है। बाकी दर्शको को फिल्म थोड़ा भारी और थोड़ी लंबी लग सकती है। रैप और रणवीर को पसंद करने वालों के लिए फिल्म वीकएंड का अच्छा टाइमपास है। अमर उजाला के वीकली फिल्म रिव्यू में गली बॉय को मिलते हैं तीन स्टार।