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बाइस्कोप: आमिर की इस शरारत पर माधुरी ने फिर कभी साथ काम न करने का किया था एलान और बात सच साबित हो गई

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
सलमान खान की लाइन से फ्लॉप हुई 10 फिल्मों की जानकारी के बाद आज बारी है खान सितारों में सबसे सीनियर खान आमिर खान की। आमिर खान की बतौर हीरो पहली फिल्म कयामत से कयामत तक 19 अप्रैल 1988 को रिलीज हुई। सलमान खान की बतौर हीरो पहली फिल्म मैंने प्यार किया 29 दिसंबर 1989 को रिलीज हुई और शाहरुख खान की बड़े परदे पर रिलीज हुई पहली फिल्म दीवाना की रिलीज डेट है, 25 जून 1992। इस लिहाज से आमिर खान तीनों खान में सबसे सीनियर है।

आमिर की बतौर हीरो पहली फिल्म कयामत से कयामत तक सुपरहिट रही। फिल्म ने तब 1988 में बॉक्स ऑफिस पर करीब पांच करोड़ रुपये की कमाई की थी। इसके बाद रिलीज हुई फिल्म राख का प्रदर्शन बहुत खराब रहा। फिल्म लव लव लव सिर्फ पौने तीन करोड़ रुपये कमा पाई और फिल्म तुम मेरे हो ने साल 1990 में कमाए करीब पौने चार करोड़ रुपये। आमिर खान के करियर में दहाई के करोड़ अंकों वाली कमाई करने वाली पहली फिल्म रही दिल, जिसने साल 1990 में 10 करोड़ रुपये का कारोबार बॉक्स ऑफिस पर किया था। इसके बाद आमिर ने भी लाइन से तो नहीं लेकिन रंगीला रिलीज होने के पहले तक 10 फ्लॉप फिल्मे दे डाली थीं। दिल के बाद आमिर के करियर में राम गोपाल वर्मा निर्देशित रंगीला ही ऐसी दूसरी फिल्म बनी जिसकी कमाई बॉक्स ऑफिस पर दहाई के करोड़ अंको वाली रही।

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
ये बात तो सब जानते हैं कि आमिर खान और माधुरी दीक्षित की एक साथ रिलीज हुई पहली फिल्म दिल बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही लेकिन फिल्म बनकर जो दोनो की पहले तैयार हुई वह थी, दीवाना मुझसा नहीं। फिल्म दिल की रिलीज के 30 साल पिछले महीने 22 जून को पूरे हुए तो माधुरी दीक्षित ने अपने सोशल मीडिया पर खूब प्यार इस फिल्म पर उड़ेला था। लेकिन, दिल की रिलीज के महीने भर के भीतर रिलीज हुई दोनों की दूसरी फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं को लेकर न आमिर ने कुछ कहा और न ही माधुरी दीक्षित ने जबकि दोनों की एक साथ पहली बार जोड़ी इसी फिल्म में बनी।

आमिर और माधुरी की ये फिल्म साल भर पहले ही बनकर तैयार हो गई थी लेकिन इस फिल्म की फर्स्ट कॉपी तैयार होने के बाद जिसने भी इसे देखा, उसने इसे वितरित करने से मना कर दिया। भला हो निर्देशक इंद्र कुमार का जिनकी फिल्म दिल के रिलीज होते ही आमिर और माधुरी की फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं के भाग जागे और ये फिल्म 20 जुलाई 1990 को सिनेमाघरों तक पहुंच गई।

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
अभी पिछले महीने अपनी फिल्म दिल के 30 साल पूरे होने पर माधुरी ने अपनी एक फोटो आइस्क्रीम खाते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट की और लिखा, “दिल के 30 साल। आमिर खान के साथ काम करना हमेशा बहुत ही मनोरंजक होता था। मुझे याद है कि कैसे इंद्रकुमार हर रोज हमारी क्लास लगाते थे और हम थे कि सेट पर लोगों को वेबकूफ बनाते और मस्ती करते घूमते रहते थे।”

दिलचस्प बात ये है कि फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं के भी 30 साल सोमवार को पूरे हो गए। लेकिन, कहावत है कि कामयाबी के पिता तमाम होते हैं, नाकामी की मां भी कोई नहीं होती। ऐसा ही नसीब है फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं का। शम्मी कपूर की सुपरहिट फिल्म तीसरी मंजिल के सुपरहिट गाने के बोल से लिए गए फिल्म के शीर्षक ने फिल्म का कोई साथ नहीं दिया। और, सच ये भी है कि इस फिल्म के बाद आमिर और माधुरी ने फिर कभी एक साथ काम नहीं किया।

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं रिलीज होने से पहले इसके गाने बहुत हिट हुए थे। फिल्म दिल के गाने भी हर तरफ खूब बजा करते थे और इसी बीच रिलीज हुए दीवाना मुझ सा नहीं के लिए लिखे समीर के गानों ने आनंद मिलिंद की धुन पर अपना काम दिखाना शुरू कर दिया था। फिल्म के टाइटल सॉन्ग के अलावा कविता कृष्णमूर्ति का गाया गाना ‘सारे लड़कों की कर दो शादी बस एक को कंवारा रखना’ खूब हिट हुआ।

लेकिन, जिस गाने ने उस वक्त के नौजवानों के दिल पर महीनों तक राज किया वह गाना गाया था उदित नारायण ने और जिसके बोल थे, ‘मैं सहरा बांध के आऊंगा, मेरा वादा है। मैं तेरी मांग सजाऊंगा मेरा वादा है.....।’ आगे बढ़ने से पहले सुन लेते फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं का ये सुपरहिट गाना।

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं की कहानी टिपिकल मसाला फिल्मों जैसी कहानी है। अजय शर्मा नामक फोटोग्राफर के किरदार में हैं आमिर खान और माधुरी फिल्म में बनीं हैं अनीता नाम की मॉडल। दोनों साथ साथ एक ही एजेंसी में काम करते हैं और जब काम नहीं करते हैं तो खूब हंसते बतियाते भी हैं। अजय को अनिता से प्यार हो गया। उसे लगता है कि अनिता भी उससे प्यार करती है जबकि ऐसा है नहीं। उसकी मंगनी विक्रम से हो जाती है और दोनों की शादी भी होने वाली है। अजय को समझ ही नहीं आ रहा कि हो क्या रहा है, वह तो अपनी और अनिता की शादी की तैयारियों में मगन है। अनिता को अब अपने जीवन का सबसे जरूरी फैसला लेना है। उसे भी समझ आने लगता है कि जिस विक्रम से उसकी शादी होने जा रही है, वह उसके लायक है नहीं। बस कहानी वहीं आ जाती है, जहां उसे होना चाहिए था।

फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं की कहानी, पटकथा और संवाद सब मोहम्मद परवेज ने लिखे और फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी भी यही रहे। फिल्म की कहानी के हिसाब से विक्रम का रोल कर रहे अभिनेता जैनेंद्र को सहायक अभिनेता का किरदार करना था लेकिन निर्देशक वाई नागेश्वर राव ने फिल्म की कहानी को कुछ इस तरह शूट और एडिट किया कि फिल्म देखने वालों को ये किरदार किसी विलेन सा नजर आता है। बताते हैं कि इस बदलाव को लेकर जैनेंद्र ने खूब हंगामा भी किया लेकिन फिल्म पहले हफ्ते में ही बॉक्स ऑफिस पर बैठ गई और इसी के साथ ये बवाल भी शांत हो गया। फिल्म में आमिर और माधुरी का अभिनय ठीक ठाक था और जैनेंद्र ने भी अपना असर छोड़ने में कामयाबी पाई थी।

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
लेकिन, फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं में सबसे चौंकाने वाला चेहरा रहा खुशबू का। जिस साल आमिर खान ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया, उसी साल खुशबू ने तमिल फिल्मों में डेब्यू किया रजनीकांत के साथ फिल्म धर्मादि थलाइवा में। ये फिल्म दरअसल अमिताभ बच्चन की हिट फिल्म कसमे वादे का रीमेक थी। फिल्म ने तमिल में कामयाबी के झंडे गाड़ दिए। हिंदी सिनेमा में बाल कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू करने वाली खुशबू ने अनिल कपूर की फिल्म मेरी जंग में पहला बड़ा रोल पाया था और जावेद जाफरी के साथ ‘बोल बेबी बोल’ में कमाल का डांस किया था।

बतौर हीरोइन खुशबू की पहली हिंदी फिल्म जानू थी जैकी श्रॉफ के साथ और ये रिलीज हुई थी साल 1985 में। गोविंदा की पहली साइन की हुई फिल्म तन बदन की हीरोइन भी खुशबू ही थीं। फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं करने के पीछे खुशबू का बस एक ही लॉजिक था और वह है आमिर खान के साथ काम करना। वैसे फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं में मिथुन चक्रवर्ती के साथ सुपरहिट जोड़ी बनाने वाली हीरोइन रंजीता भी नजर आईं थी जिन्होंने फिल्म में माधुरी दीक्षित की बड़ी बहन का किरदार किया। फिल्म में जो रोल जैनेंद्र ने किया वह पहले सनी देओल को ऑफर हुआ था, लेकिन सनी ने सही समय पर सही फैसला किया और खुद को इस फिल्म से अलग कर लिया।

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दीवाना मुझ सा नहीं - फोटो : Social Media
फिल्म दीवाना मुझ सा नहीं की शूटिंग खत्म होने के बाद दिल की शूटिंग खत्म हुई थी लेकिन फिल्म पहले दिल रिलीज हुई। दिल की रिलीज के दौरान ही एक बार आमिर ने माधुरी के साथ मजाक किया कि उन्हें हस्तरेखाएं पढ़ना आता है। माधुरी उनके झांसे में आ गईं और आमिर उनकी हथेली के साथ अठखेलियां करने लगे। माधुरी ने इसका बुरा नहीं माना लेकिन सेट पर मौजूद लोग बताते हैं कि इसके बाद मजाक मजाक में आमिर ने माधुरी की हथेली पर थूक दिया। माधुरी ठहरीं कर्मकांडी परिवार की ब्राह्मण कन्या, उनसे ये बर्दाश्त नहीं हुआ। पहले तो वह बहुत देर तक हॉकी स्टिक लेकर आमिर को सेट पर ही दौड़ाती रहीं और फिर जब वह हाथ नहीं आए तो दोबारा कभी आमिर के साथ काम न करने की बात भी माधुरी ने उस दिन सेट पर मौजूद लोगों के सामने कह डाली। समय की बलिहारी देखिए, इसके बाद वाकई दोनों का फिर कभी साथ काम करने का संयोग भी नहीं बना। आज के बाइस्कोप में इतना ही, कल बात करेंगे एक और ओल्डी गोल्डी की..। सिलसिला जारी है।

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(बाइस्कोप अमर उजाला डिजिटल का दैनिक कॉलम है जिसमें हम उस दिन रिलीज हुई किसी पुरानी फिल्म के बारे में चर्चा करते हैं।)
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