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Bawri Chhori Review: आहाना के कंधों पर टिकी ‘मस्तराम’ के निर्देशक की फिल्म, कत्ल करेगी ‘बावरी छोरी’

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बावरी छोरी रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
फिल्म रिव्यू: बावरी छोरी
कलाकार: आहाना कुमरा, विक्रम कोचर, रूमाना मोला, सोहैला कपूर, निकी वालिया आदि।
निर्देशक: अखिलेश जायसवाल
रेटिंग: ***

आहाना कुमरा हिंदी फिल्म सिनेमा में आसमान से टपकी छोरी हैं। ना वह स्टार किड हैं और ना ही उनका कोई गॉड फादर हैं। अमिताभ बच्चन के साथ टीवी सीरीज ‘युद्ध’ से कैमरे के सामने बोहनी करने वाली आहाना रंगमंच की अच्छी कलाकार हैं। ओटीटी पर उनके नाम से वेब सीरीज बिकती हैं और अब फिल्म ‘बावरी छोरी’ से वह ये भी साबित करने को तैयार हैं कि ढंग की कहानी हो और अच्छा निर्देशक हो तो वह फिल्म भी पूरी की पूरी अपने कंधे पर लेकर चल सकती हैं। ‘बावरी छोरी’ के निर्देशक अखिलेश जायसवाल हैं। अनुराग कश्यप कैंप से निकले हैं। सोचते भी करीब करीब अनुराग जैसा ही हैं, बस हिंदी सिनेमा के बेसिक्स अनुराग की फिल्मों जैसे ही हर बार नहीं होते, ये सीखना उन्हें अभी बाकी है।
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बावरी छोरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अखिलेश जायसवाल एक बेहतरीन फिल्म निर्देशक हो सकते हैं, ये एक बार फिर उन्होंने फिल्म ‘बावरी छोरी’ में साबित किया है। उनका कहानी का चयन ही उनके लीक से इतर निर्देशक होने की बानगी है। इस बार उनकी कहानी एक ऐसी युवती की कहानी है जो भारत से लंदन पहुंची है अपने पति को तलाशने और उसका मर्डर करके उसकी लाश सुअरों को खिला देने। वैलेंटाइंस डे पर ऐसा विचार थोड़ा वीभत्स लग सकता है लेकिन दरअसल यह एक विचार भर है। कारण ये है कि राधिका का पति अभिषेक उसके गहने वगैरह लेकर भारत से भाग निकला और लंदन आकर बस गया। उसके पीछे पीछे लंदन आई राधिका उसका पता ढूंढ रही है और इस तलाश में बनने वाले रिश्ते, नातों पर ही फिल्म ‘बावरी छोरी’ आधारित है। आखिर में वह अपने धोखेबाज पति को तलाश भी लेती है। लेकिन, फिर जो होता है, वह फिल्म की हैप्पी एंडिंग बनाता है।
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बावरी छोरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अखिलेश जायसवाल ने इस फिल्म में ढाई चीजें बढ़िया की हैं और ढाई चीजें खराब। कहानी अच्छी ली है, लेकिन पटकथा बहुत बोरिंग लिखी है। एक नवविवाहिता के अपने पति के तलाश में लंदन में भटकने की कहानी और दिलचस्प हो सकती थी, अगर कहानी की रिसर्च बेहतर होती। कटआउट टाइप के कैरेक्टर कहानी को शुरू के बीस पच्चीस मिनट बहुत बोरिंग बना देते हैं। असल कहानी वहां से शुरू होती है जहां राधिका और एना की मुलाकात होती है। इस लिहाज से कास्टिंग भी आधी बहुत बढ़िया है और आधी औसत से भी कमतर। बतौर निर्देशक अखिलेश यहां एक नैरेटिव बनाने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन बीच बीच में भूल जाते हैं कि फिल्म की हीरोइन करने क्या निकली है।

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बावरी छोरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कलाकारों में ये फिल्म पूरी तरह से आहाना कुमरा की है। गूगल उनकी उम्र 36 साल बताता है। उनके नाम से बने विकिपीडिया पेज पर उनकी उम्र हटा दी गई है। लेकिन, आहाना को अपने अनुभव को अपना हथियार बनाने की जरूरत है। कोई दस साल से कैमरे के सामने हैं और बीच बीच में उनके ‘बेताल’ जैसी वेब सीरीज में भटक जाने के किस्से हटा दें तो एक अभिनेत्री के तौर पर उन्होंने अपनी अलग जगह बनाने में कामयाबी पाई है। उनके चेहरे पर एक जीवंतता दिखती है। ये चमक वैसी है जैसी दिल के साफ किसी इंसान के चेहरे पर ताउम्र रहती है।
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बावरी छोरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राधिका के किरदार में अपनी इसी खूबी का आहाना को फायदा भी मिला है। वह नैसर्गिक कलाकार हैं। जिस किरदार को करती हैं, वैसी ही दिखती हैं। वेब सीरीज ‘सैंडविच्ड फॉरएवर’ के बाद डिजिटल पर ये लगातार दूसरा मौका है जब पूरी कहानी की वह केंद्रबिंदु बनी हैं। ऐसी ही कहानियों की उन्हें आगे भी जरूरत है। आहाना ने अपना एक अलग स्पेस बनाया है और इसके लिए उन्हें अनावश्यक मां-बहन की गालियां पर्दे पर देने की कतई जरूरत नहीं है। उनकी अपनी शख्सियत काफी बिंदास है। बिंदास होना और बदतमीज होना तो अलग अलग बातें हैं।
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बावरी छोरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘बावरी छोरी’ के बाकी कलाकारों में विक्रम कोचर की मौजूदगी कहानी के कैटलिस्ट का काम करती है। सोहैला कपूर भी नानी के किरदार में थोड़ी देर के लिए दिखती हैं पर उतनी ही देर में एक अलग रंग कैनवस पर बिखेरने में कामयाब रहती हैं। रूमाना मोला के किरदार से कहानी को उतनी मदद नहीं मिलती जितनी मिलनी चाहिए थी। एक ब्रिटिश और एक भारतीय की संतान का ये कार्डबोर्ड कैरीकेचर है। हिंदी सिनेमा के निर्देशकों को इससे बाहर निकलना ही चाहिए। तकनीकी टीम में से फिल्म का संगीत नोटिस करने लायक है। कार्तिक रामालिंगम ने मौजूदा हिंदी सिने संगीत से अलग हटकर कुछ बनाने का प्रयास किया और सफल रहे हैं। रातिश शेखर और यामिनी संथानमम की आवाजों में ताजगी भी है और रवानी भी। फिल्म का संपादन बेहतर हो सकता था। अमरजीत सिंह की सिनेमैटोग्राफी बढ़िया है।
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