फिल्म का नाम : बधाई हो
डायरेक्टर: अमित शर्मा
स्टार कास्ट: आयुष्मान खुराना, सान्या मल्होत्रा, गजराज राव, नीना गुप्ता, शीबा चड्ढा, सुरेखा सिकरी
अवधि: 2 घंटा 06 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 3 स्टार
बॉलीवुड कलाकार आयुष्मान खुराना लीक से हटकर फिल्मों में काम करने के लिए जाने जाते हैं। फिर चाहे उनकी डेब्यू फिल्म 'विक्की डोनर' हो या फिर 'दम लगाके हईशा'। 'बधाई हो' उनकी ऐसी ही फिल्म है। एक दर्शक के लिए अच्छा सिनेमा वही होता है जब वह फिल्म को एक मिनट के लिए भी खुद को अलग न कर सके। 'बधाई हो' कुछ इसी तरह की फिल्म है। अर्जुन कपूर, सोनाक्षी सिन्हा और मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म 'तेवर' के बाद निर्देशक अमित शर्मा ने फिल्म 'बधाई हो' बनाकर 'तेवर' से जुड़ी दर्शकों की सभी शिकायतों को दूर कर दिया है।
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फिल्म 'बधाई हो' की कहानी एक मध्यवर्गीय कौशिक परिवार की है। इस परिवार में दो बेटे, एक दादी (सुरेखा सिकरी) के साथ सरकारी नौकरी से रिटायर होने वाली उम्र के पिता (गजराज राव) और अधेड़ उम्र की मां (नीना गुप्ता) हैं। बड़ा बेटा नकुल कौशिक (आयुष्मान खुराना) एक प्राइवेट नौकरी करता है उसके ऑफिस में काम करने वाली लड़की रेने (सान्या मल्होत्रा) है। यह दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार भी करते हैं और शादी करना चाहते हैं। वहीं कौशिक परिवार का छोटा बेटा अपनी 12 क्लास की पढ़ाई कर रहा है। कौशिक परिवार एक अच्छी जिंदगी जी रहा होता है। एकदम से बरसात की एक रात उनके पूरे परिवार की जिंदगी को बदल देती है।
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बड़े बेटे की शादी की उम्र में फिर से एक और बच्चे का माता-पिता बनना गजराज राव और नीना गुप्ता को सुहाता नहीं है। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी समाज की लोक-लाज से काफी शर्मिंदगी महसूस करते हैं। इस दौरान फिल्म की कहानी कई उतार-चढ़ाव से होकर निकलती है, जो कई बार आपको ठहाके लगाकर हंसे पर मजबूर कर देती है। फिल्म की कहानी के लिए सबसे पहले शांतनु श्रीवास्तव, अक्षत घिल्डियाल और ज्योति कपूर को धन्यवाद करना चाहिए। 'बधाई हो' की कहानी से इन्होंने सेक्स की क्या उम्र होनी चाहिए जैसे विषय को बहुत ही शानदार तरीके से बताने की कोशिश की है।
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'बधाई हो' अपने पहले भाग में दर्शकों को बेहिसाब हंसाती है। वहीं दूसरे भाग में इमोशनल का मसाला इसको और भी ज्यादा खास बना देता है। फिल्म के सभी पात्रों ने अपने किरदार के साथ पूरी ईमारदारी निभाई है। दिल्ली की पृष्ठभूमि पर बनी 'बधाई हो' में कैशिक परिवार के मुखिया के तौर पर गजराज राव ने काफी बेहतरीन काम किया है। जवान बेटे के सामने एक पिता किस तरह से शर्मिंदा होता है वह उन्होंने काफी शानदार तरीके से किया है। वहीं फिल्म में दादी का किरदार कर रही सुरेखा सीकरी ने पूरी फिल्म के मनोरंजन को कहीं भी कम होने नहीं दिया। अपने शानदार संवाद से उन्होंने फिल्म को और भी ज्यादा मजबूत बना दिया। मां के किरदार में नीना गुप्ता ने अच्छा काम किया है।
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सान्या मल्होत्रा का फिल्म में छोटा किरदार है लेकिन काफी सधा हुआ है। 'बधाई हो' फिल्म से आयुष्मान ने साबित कर दिया है कि वह हर एक किरदार में खुद को ढालने के लिए सक्षम हैं। वहीं उनके भाई के किरदार में बाल कलाकार ने भी अच्छा काम किया है। 'बधाई हो' के डायलॉग्स पर नजर डालें तो फिल्म में बहुत जगह ऐसे संवाद सुनने को मिलते है जो न चाहते हुए भी खुलकर हंसने के लिए मजबूर कर देते हैं। निर्देशक ने फिल्म के सभी किरदारों को उनके पात्र के हिसाब से बेहद अच्छे सवांद दिए हैं।
'बधाई हो' के संगीत पर नजर डाले तो रोचक कोहली, सनी और इंदर बावरा के संगीत ने फिल्म को बहुत अच्छे से बांधकर रखा है। वहीं अभिषेक अरोड़ा के बैकग्राउंड स्कोर ने 'बधाई हो' के मनोरंजन को कहीं भी कम नहीं होने दिया। 'बधाई हो' का फिल्मांकन भी काफी शानदार है। पूरी दिल्ली को बहुत ही शानदार तरीके से कैमरे में कैद किया गया है। कुल मिलाकर 'अंधाधुन' के बाद आयुष्मान खुराना की 'बधाई हो' भी ऐसी फिल्म है जो दर्शकों के जहन में काफी समय तक रह जाएगी।