Meghna Gulzar Birthday Special: आज दिग्गज शायर गुलजार की बेटी और निर्देशक-निर्माता मेघना गुलजार का जन्मदिन है। इस अवसर हम उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्सों को जानेंगे।
लेखक, निर्माता और निर्देशक मेघना गुलजार आज अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं। मेघना मशहूर कवि, पटकथा लेखक, फिल्म निर्देशक, नाटककार और शायर गुलजार की बेटी हैं। हालांकि, मेघना ने अपने काम के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मेघना का जन्म 13 दिसंबर 1973 को गुलजार और अभिनेत्री राखी के घर हुआ। हालांकि, मेघना के जन्म के बाद उनके माता-पिता एक दूसरे से अलग हो गए। आइए आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अनसुनी बातों को जानते हैं…
गुलजार और राखी बेटी मेघना के साथ
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
माता-पिता के झगड़े के बीच में जन्मी मेघना
मेघना का जन्म उनके परिवार के एक मुश्किल दौर में हुआ। उनके जन्म के समय उनके माता-पिता में अनबन चल रही थी। मेघना ने इस दुनिया में जब कदम रखा, तब उनके पिता गुलजार ‘आंधी’ फिल्म का निर्देशन कर रहे थे और उनकी मां को यश चोपड़ा ने ‘दाग’ फिल्म का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। राखी का इस फिल्म के लिए हां कहना ही उनके और गुलजार के रिश्ते के टूटने की वजह बन गया। दरअसल, गुलजार नहीं चाहते थें कि मेघना के जन्म के बाद राखी कोई फिल्म करें।
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मेघना गुलजार और गुलजार
- फोटो : इंस्टाग्राम @meghnagulzar
किसके ज्यादा करीब हैं मेघना और कैसा बीता बचपन?
मेघना के जन्म के एक साल बाद ही राखी और गुलजार ने अपनी राहें जुदा कर ली। हालांकि, मेघना की परवरिश के लिए उन्होंने एक दूसरे से तलाक नहीं लिया। इस बीच मेघना ने अपने पिता का साथ कभी नहीं छोड़ा। वह गुलजार के ज्यादा करीब रहीं। गुलजार ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया। मेघना ने अपनी किताब ‘बिकॉज ही इज’ में इस बात का जिक्र किया है कि उनके पिता ने कभी भी उन्हें उनकी मां की कमी महसूस नहीं होने दी। मेघना ने कहा कि उनके पिता ने हर तरीके से उनके इर्द-गिर्द एक परिवार का निर्माण किया। अपना जीवन और अपना काम उन पर केंद्रित किया। सुबह स्कूल के लिए तैयार करने से लेकर शाम को अपना काम खत्म कर वापस स्कूल से लेने आने तक उन्होंने हर जिम्मेदारी निभाई।
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मेघना गुलजार
- फोटो : इंस्टाग्राम @meghnagulzar
मेघना का नाम ‘बोस्की’ भी
गुलजार अपनी बेटी मेघना को ‘बोस्की’ कहकर भी बुलाते हैं। इसका मतलब होता है 'नरम'। गुलजार और उनकी बेटी के बीच एक स्पेशल बॉन्डिंग है। वह एक-दूसरे को काफी अच्छे तरीके से समझते और जानते हैं।
मेघना गुलजार का फिल्मी करियर
मेघना गुलजार ने 2000 में शॉर्ट फिल्म 'शाम से आंख में नमी है' से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि, इससे पहले वह अपने पिता गुलजार की फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुकी थीं, उन्होंने 'माचिस' और 'हूतूतू' जैसी फिल्मों में अपने पिता को असिस्ट किया था। उनकी पहली फिल्म ‘फिलहाल’ 2002 में आई, जो कि बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फेल रही। इस फिल्म के फ्लॉप होने के बारह साल बाद मेघना ने दमदार वापसी फिल्म ‘तलवार’ से की। इस फिल्म के बाद मेघना ने 'गिल्टी' और 'राजी' जैसी शानदार फिल्में बनाई। मेघना को 'राजी' फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्टर का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला। मेघना की फिल्म ‘छपाक’ और ‘सैम बहादूर’ को काफी प्रशंसा मिली। Critics Choice 2025: पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' का एक और धमाल, क्रिटिक्स च्वाइस में मिला नॉमिनेशन