मीना कुमारी का असली नाम माहजबीं बानो है। मीना कुमारी का नाम आता है तो जहन में उनकी काजल से भरी बड़ी आंखे और उनका खूबसूरत चेहरा सामने आ जाता है। मानी अपने जमाने की बेहतीन अदाका थीं और साथ ही वह बहुत अच्छी कवियत्री भी थीं। मीना कुमारी ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। मीना आज भी लोकप्रिय रूप से ट्रेजडी क्वीन के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे बेहतरीन और महान अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मीना ने केवल 4 साल की उम्र में अभिनय शुरू किया था। पूरे 33 सालों तक अपने फिल्म करियर में मीना ने तकरीबन 90 से अधिक फिल्मों में शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीता।
मीना कुमारी का असली नाम माहजबीं बानो है। मीना कुमारी का नाम जहन में आता है तो सबसे पहले काजल से भरी उनकी बड़ी आंखे और उनका खूबसूरत चेहरा सामने आ जाता है। मीना अपने जमाने की बेहतीन अदाका थीं और साथ ही वह बहुत अच्छी कवियत्री भी थीं। मीना कुमारी ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। मीना आज भी लोकप्रिय रूप से ट्रेजडी क्वीन के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे बेहतरीन और महान अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मीना ने केवल 4 साल की उम्र में अभिनय शुरू किया था। पूरे 33 सालों तक अपने फिल्म करियर में मीना ने तकरीबन 90 से अधिक फिल्मों में शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीता।
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मीना कुमारी
- फोटो : सोशल मीडिया
जन्म के बाद मीना का अनाथालय छोड़ दिया गया था!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1933 को अली बक्स और इकबाल बेगम के घर महजबी बानो नाम से हुआ था। मीना का पैदा होना उनके पिता को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था, क्योंकि अली बक्स को एक बेटे की चाहत थी। मीना के जन्म के बाद उन्हें एक अनाथालय में छोड़ दिया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्होंने अपना मन बदल लिया और उन्हें वापस घर ले गए। वह अली और इकबाल की दूसरी बेटी थीं और उनकी और दो बहनें थीं। बड़ी का नाम खुर्शीद जूनियर और छोटी का नाम महलीका।
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मीना कुमारी
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मीना को पहली फिल्म के लिए मिले थे मात्र 25 रुपये
मीना कुमारी को कभी भी फिल्मों का शौक नहीं रहा, ना ही वह कभी फिल्मों में अभिनय के बारे में सोचती थीं क्योंकि मीना को शुरू से स्कूल जाना पढ़ाई करना पसंद था। इसके बावजूद, उनके माता-पिता उन्हें काम के अवसरों के लिए फिल्म स्टूडियो ले जाया करते थे। निर्देशक विजय भट्ट ने मीना को फिल्म 'लेदरफेस' में कास्ट किया और काम के पहले दिन उन्हें 25 रुपये दिए गए। यानी की मीना की पहली फिल्म की कमाई केवल 25 रुपये थी।
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मीना ने चार साल की उम्र में की थी पहली फिल्म
'लेदरफेस' 1939 में रिलीज हुई थी। मीना ने यह फिल्म केवल 4 साली की उम्र में की थी। फिल्म के बाद मीना को स्कूल में भर्ती कराया गया था, लेकिन फिल्मों में काम की वजह से मीना को कई बार अपनी क्लास छोड़नी पड़ती थी। मीना के पिता मास्टर अली बक्स एक सुन्नी मुसलमान थे, जो भेरा (अब पाकिस्तान में ) से पलायन कर आये थे। वे पारसी रंगमंच के दिग्गज थे, हारमोनियम बजाते थे, उर्दू शायरी लिखते थे, संगीत रचना करते थे और कुछ फिल्मों में छोटी भूमिकाएं भी निभाई थीं। कुमारी की मां इकबाल बेगम, जिनका मूल नाम प्रभावती देवी था, एक ईसाई थीं, जिन्होंने अपनी शादी के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया था। इकबाल बेगम अली बक्स की दूसरी पत्नी थीं। अली बक्स से मिलने और शादी करने से पहले, वह एक स्टेज अभिनेत्री थीं और कहा जाता था कि उनका संबंध बंगाल के टैगोर परिवार से था।
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विजय भट्ट ने रखा था मीना का नाम 'बेबी मीना'
मीना कुमारी ने शुरू से ज्यादातर विजय भट्ट प्रोडक्शन्स में काम किया, जिसमें शामिल लेदर फेस, अधूरी कहानी, पूजा और एक ही भूल जैसी कई फिल्में शामिल हैं। विजय भट्ट ने ही फिल्म 'एक ही भूल' के दौरान महजबीन बानो यानी मानी कुमारी का नाम बदलकर "बेबी मीना" रख दिया था। रमणीक प्रोडक्शन की फिल्म 'बच्चों का खेल' को मीना कुमारी के नाम से कास्ट किया गई थी। मीना कुमारी के जीवन में सबसे बड़ा झटका उनकी मां की मृत्यु थी, जो 25 मार्च 1947 को चल बसीं। मीना ने कई फिल्मों में अभिनय के साथ गाने भी गाए थे, जिनमें शामिल 'दुनिया एक सराय', 'पिया घर आजा' और 'बिछड़े बालम' शामिल हैं। 1940 के दशक के आखिर तक, उन्होंने अपना ध्यान पौराणिक या काल्पनिक फिल्मों की ओर कर दिया था। मीना को असली पहचान फिल्म 'बैजू बावरा' से मिली थी।
लीवर सिरोसिस से पीड़ित थी मीना, रह गया था प्यार अधूरा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 1968 में मीना कुमारी को पता चला था कि वो लीवर सिरोसिस से पीड़ित हैं। उनका निधन का 31 मार्च 1972 को हुआ था। उनकी मौत के बाद उनकी बेहद करीबी दोस्त रहीं एक्ट्रेस नरगिस दत्त ने उन्हें एक खत लिखा था। इतना ही नहीं, वो नरगिस ही थीं, जिन्होंने मीना के अंतिम संस्कार का खर्च उठाया था। कहा जाता है कि मीना के अस्पताल का खर्च जब हद से ज्यादा बढ़ गया था तो उनके पूर्व पति कमाल अमरोही गायब हो गए थे। कहा जाता है कि मीना कुमारी की जिंदगी में धर्मेंद्र खास जगह रखते थे। मीना, धर्मेंद्र को पसंद करती थीं। लेकिन गलतफहमी की वजह से दोनों के बीच तनाव आ गया था, जिसके बाद से ही मीना बिमार रहने लगी थीं।