मौड़
- फोटो : अमर उजाला
देश के विभाजन से पहले के पंजाब पर आधारित यह कहानी एक पंजाबी ग्रामीण जियोना मौड़ के जीवन का वर्णन करती है, जिसने अपने दस्यु भाई किशना की मौत का बदला लेने के लिए पिस्तौल उठाई थी। जियोना शोषक भूमि कर माफिया को ध्वस्त करने के लिए कृतसंकल्प थे। साथ ही वह डोगर, एक अन्य जिसने किशना को धोखा दिया था,उससे भी बदला लेने के लिए दृढ़ संकल्पित है। 'मौड़' ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान पंजाब के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य की पड़ताल करता है और उनके सपनों, संघर्षों और भावनाओं को दर्शाता है। इतिहास के प्रति उत्साही लोगों को इस फिल्म की कहानी स्क्रीन से बांधे रखने में पूरा माद्दा रखती है। फिल्म दो गुमनाम नायकों की कहानी है, जिन्हें गरीबों के मसीहा के रूप में जाना जाता है। यह पंजाबी फिल्म हिंदी में भी उपलब्ध होगी।