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Amrish Puri Birthday: 'मोगैंबो' की इन फिल्मों को देखकर आप भी हो जाएंगे खुश, जबान से उतारे नहीं उतरेंगे डायलॉग

Sat, 22 Jun 2024 07:12 AM IST
विशाल वर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

साल 2001 में आई 'नायक' के बगैर भी उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की बात करना बेईमानी होगा। इस फिल्म में उन्होंने मुख्यमंत्री का किरदार निभाया था, जो एक पत्रकार को चुनौती देता है। 
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अमरीश पुरी - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड के खलनायक से मशहूर अमरीश पुरी का जन्म आज ही के दिन साल 1932 में नवांशहर में हुआ था। उन्होंने 12 जनवरी, 2005 को 72 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक किरदार अदा किए थे। उनके बोले गए डायलॉग आज भी लोगों की जुबान से उतरे नहीं हैं। हर जमाने के सिनेमाप्रेमी उनकी बड़ी फिल्मों और उनके द्वारा निभाए प्रमुख किरदारों को जानते हैं। अमरीश पुरी के बोले गए संवादों को तो अब मीम के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो अमरीश पुरी की बढ़िया फिल्मों की सूची काफी लंबी है, लेकिन फिर भी इस खास दिन पर हम आपको उनकी कुछ चुनिंदा बेहतरीन फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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अमरीश पुरी - फोटो : इंस्टाग्राम @amrish.puri_fanclub
साल 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'मिस्टर इंडिया' अमरीश पुरी के करियर की सबसे खास फिल्म है। इस फिल्म में उन्होंने मोगैंबो नाम के खलनायक का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनका डायलॉग- 'मोगैंबो खुश हुआ' बड़ा मशहूर हुआ था। 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' भी उनके फिल्म करियर की सबसे प्रमुख फिल्मों में से एक हैं। यह फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। बताने वाली बात नहीं है कि इस फिल्म में उनका कौन-सा डायलॉग प्रसिद्ध हुआ था। 
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अमरीश पुरी - फोटो : इंस्टाग्राम @amrish.puri_fanclub
'करण अर्जुन' के बिना अमरीश पुरी की सबसे बेहतरीन फिल्मों की बात अधूरी रह जाएगी। आज की भाषा में कहे तो इस फिल्म में उनका डायलॉग- "मैं तो समझता था कि दुनिया में मुझसे बड़ा कमीना और कोई नहीं है, लेकिन तुमने ऐन मौके पर ऐसा कमीनापन दिखाया कि हम तुम्हारे कमीनेपन के गुलाम हो गए हैं।" काफी वायरल हुआ था। 

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अमरीश पुरी - फोटो : इंस्टाग्राम @amrish.puri_fanclub
इसके अलावा 'घायल', 'घातक', 'गदर' और 'दामिनी' भी अमरीश पुरी की बढ़िया फिल्मों की सूची में हमेशा शामिल रहेगी। 'दामिनी' में उनका बोला गया डायलॉग- "ये अदालत है, कोई मंदिर या दरगाह नहीं, जहां मन्नतें और मुरादें पूरी होती हैं। यहां धूप बत्ती और नारियल नहीं, बल्कि ठोस सबूत और गवाह पेश किए जाते हैं।" काफी मशहूर हुआ था।
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अमरीश पुरी - फोटो : इंस्टाग्राम @amrish.puri_fanclub
साल 2001 में आई 'नायक' के बगैर भी उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की बात करना बेईमानी होगा। इस फिल्म में उन्होंने मुख्यमंत्री का किरदार निभाया था, जो एक पत्रकार को चुनौती देता है। 'परदेस', 'तहलका', 'सौदागर', 'विजेता', 'दीवाना', 'ताल', 'राम लखन', 'गर्दिश', 'मेरी जंग', 'दोस्ताना', 'कोयला' और 'भूमिका' भी उनकी कमाल की फिल्मों में शामिल हैं।
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