कंगना की स्टोरी
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कंगना ने आगे कहा, 'वह अपनी धारणा पर भरोसा नहीं कर सकती थी, अगर वह अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला करती है तो ऐसी स्थिति में किसी के जीने या उसकी मौत से कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन यह धारणा अकेली तुनिशा की नहीं थी। उसने यह अकेले नहीं किया है। यह एक हत्या है।' अपने अगले पोस्ट में कंगना ने लिखा, 'मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करती हूं कि जैसे कृष्ण द्रौपदी के लिए उठे थे, जैसे राम ने सीता के लिए एक स्टैंड लिया था, हम भी बहुविवाह के खिलाफ मजबूत कानून बनाने की उम्मीद करते हैं। महिलाओं के खिलाफ एसिड हमले और उन्हें कई टुकड़ों में काट देने जैसे अपराधों में बिना मुकदमा चलाए तत्काल मौत की सजा होनी चाहिए।'