बॉलीवुड एक ऐसी जगह है जहां किसी स्टार की दो-चार फिल्में फ्लॉप हो जाए तो उसे लोग भूल जाते हैं। यहां किसी को याद रखने के लिए किसी के पास वक्त ही नहीं है। ऐसे में अगर किसी अभिनेता को उसकी मौत के वर्षों बाद भी आईएमडीबी जैसे सिनेमा के बड़े पोर्टल पर पर लगातार ढूंढा जाए तो यह अपने-आप में एक बड़ी उपलब्धि है। हम बॉलीवुड के चहेते सितारे सुशांत सिंह राजपूत की बात कर रहे हैं। चलिए आपको बताते हैं कि आज हम उन्हें क्यों अचानक याद कर रहे हैं।
विज्ञापन
2 of 5
सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : इंस्टाग्राम
हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड, टीवी और तमाम मशहूर हस्तियों के बारे में अगर सटीक जानकारी चाहिए होती है तब लोग दुनिया के सबसे लोकप्रिय और आधिकारिक स्रोत आईएमडीबी का सहारा लेते हैं। वही आईएमडीबी ने आज सबसे ज्यादा सर्च किए गए भारतीय स्टार्स की सूची को जारी किया है। इस टॉप 100 की सूची में सुशांत सिंह राजपूत को सांतवा स्थान प्राप्त हुआ है। आप इसी से सुशांत की लोकप्रियता का अंदाजा लगा सकते हैं।
विज्ञापन
3 of 5
सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : इंस्टाग्राम
जहां एक तरफ अपने पिता जी के बदलौत लोग इंडस्ट्री में नाम बनाते हैं या बनाने की कोशिश में जिंदगी खपा देते हैं, वहीं बिहार के एक छोटे से शहर से आकर सुशांत सिंह राजपूत ने बेहद कम समय में जो नाम कमा लिया वह सबके लिए संभव नहीं है। टीवी के हिट शो 'पवित्र रिश्ता' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले इस टैलेंटेड अभिनेता ने अपने छोटे से, लेकिन यादगार करियर में बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं।
4 of 5
सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : इंस्टाग्राम
बॉलीवुड में सुशांत सिंह राजपूत ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बैकग्राउंड डांसर के रूप में किया था। उसके बाद धीरे-धीरे खुद को तरास कर अपनी मेहनत के दम पर वे फिल्मों में लीड रोल करने लगे। अपनी पहली ही फिल्म 'काई पो चे' से उन्होंने बता दिया था कि बॉलीवुड में एक नया सितारा उभरने जा रहा है। 'काई पो चे' के बाद वह एक से बढ़कर एक दमदार फिल्में अपने दर्शकों को देते गए। यशराज फिल्म्स के साथ सुशांत ने फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' की थी। यशराज की ही फिल्म ‘पानी’ में वह शेखर कपूर के निर्देशन में काम करने वाले थे, लेकिन फिर ये फिल्म बनी नहीं। 'पीके' में उनका किरदार लोगों को अब भी याद है। 'डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी' से सुशांत को बहुत उम्मीदें थीं पर दिबाकर बनर्जी के सुस्त निर्देशक के चलते ये फिल्म फ्लॉप रही और यहीं से सुशांत का नए सिरे से संघर्ष शुरू हुआ।
सुशांत सिंह राजपूत के बारे में लिखते हुए अक्सर 'आनंद' का एक डायलॉग याद आता है। राजेश खन्ना कहते हैं, 'बाबु मोशाई जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं' और इस 'छिछोरे' स्टार के लिए भी यही लाइन सटीक बैठती है। 14 जून, 2020 को सुशांत सिंह इस दुनिया को छोड़ कर चले गए, लेकिन अपने चाहने वालों के दिलों में वे आज भी जिंदा हैं और इस बात की गवाही आईएमडीबी की जारी की वह लिस्ट भी देती है, जिसमें आज भी बिहार के उस छोटे से शहर का सितारा टिमटिमा रहा है।