13 जनवरी को Academy of Motion Picture Arts and Sciences ने 2020 के लिए नॉमिनेशंस की लिस्ट जारी की। वाकिन फोनिक्स की फिल्म जोकर इस साल की सबसे अधिक सफल हॉलीवुड फिल्मों में से एक है। फिल्म जोकर को सबसे ज्यादा 11 नॉमिनेशन मिले हैं। जोकर को बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट एक्टर के साथ-साथ आठ अन्य नामांकन भी मिले हैं। द आयरिशमैन, 1917 और वन्स अपॉन अ टाइम इन हॉलीवुड को 10-10 नॉमिनेशन मिले हैं।
डॉक्यूमेंट्री सेंट लुईस सुपरमैन को ऑस्कर की बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है। इसका निर्देशन इंडियन अमेरिकन फिल्ममेकर स्मृति मुद्रा और समी खान ने डायरेक्ट किया है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कई ऐसे भारतीय निर्देशक हैं जिन्होंने हॉलीवुड में शानदार फिल्में बनाकर भारत का नाम बढ़ाया है। इन निर्देशकों का नाम उन लोगों में शामिल है जो फिल्म के मुनाफे के पीछे नहीं दौड़ते और न ही कला व रचनात्मकता से समझौता करते है। कई ऐसे भारतीय निर्देशक भी हैं जिनकी फिल्मों को ऑस्कर में नामांकन मिला है। आइए आपको बताते हैं कौन हैं वो निर्देशक और कौन सी हैं उनकी फिल्में।
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विधु विनोद चोपड़ा
- फोटो : Twitter
एन एनकाउंटर विद फेसेज
फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा (Vidhu Vinod Chopra) ने बॉलीवुड में कई शानदार फिल्में डायरेक्ट की हैं लेकिन क्या आप जानते हैं वह Broken Horses जैसी हॉलीवुड फिल्मों का डायरेक्शन भी कर चुके हैं। इस फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इस फिल्म की ‘अवतार’ और ‘टाइटैनिक’ फेम जेम्स कैमरून ने भी तारीफ की थी। 1979 में उनकी पहली और आखिरी डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट 'एन एनकाउंटर विद फेसेज' को ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया था।
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Salaam Bombay
सलाम बॉम्बे
डायरेक्टर मीरा नायर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं, जिसकी झलक उनकी फिल्मों में भी देखने को मिलती है। मीरा ने 'सलाम बॉम्बे' और 'मॉनसून वेडिंग' जैसी फिल्में बनाई हैं। 'सलाम बॉम्बे' भारत की ओर से ऑस्कर के लिए बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में भेजी गई दूसरी फिल्म थी। मीरा ने हॉलीवुड फिल्में जैसे Amelia, Queen of Katwe, The Namesake जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं। देश की आर्थिक राजधानी और सपनों की नगरी कहे जाने वाले शहर मुंबई की एक कड़वी सच्चाई को बयां करने वाली एक फिल्म ने आते ही देश ही नहीं पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी।
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शेखर कपूर
- फोटो : Twitter
एलिजाबेथ-I
शेखर कपूर का नाम एक ऐसे फिल्म निर्देशक के रूप में शुमार किया जाता है जिन्होंने न सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी खास पहचान बनायी है। उन्होंने 'द फोर फेदर्स', एलिजाबेथ-I जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। इस फिल्म के पहले भाग को ऑस्कर्स में सात और दूसरे को दो नामांकन भी मिले। जिसमें से उन्होंने दो अवॉर्ड जीते। उसके अलावा उन्होंने 'द फोर फेदर्स', 'न्यू यॉर्क- आई लव यू' और 'पैसेज' जैसी फिल्में भी बनाई हैं।
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मदर इंडिया फिल्म
मदर इंडिया
ऑस्कर के लिए सबसे पहली भारतीय फिल्म 'मदर इंडिया' को 1958 में नॉमिनेट किया गया था। हालांकि यह फिल्म अवॉर्ड तो नहीं जीत पाई लेकिन इसने काफी तारीफें बटोरीं। इसे बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म में नॉमिनेट किया गया था। इस फिल्म का निर्देशन महबूब खान ने किया था। ये फिल्म 1957 में रिलीज हुई थी। फिल्म के तकनीकी पक्ष और निर्देशक द्वारा बनाई भावना की लहर से चयनकर्ता प्रभावित थे परंतु उन्हें यह बात खटक रही थी कि पति के पलायन के बाद महाजन द्वारा दिया गया शादी का प्रस्ताव वह क्यों अस्वीकार करती है जबकि सूदखोर महाजन उसके बच्चों का भी उत्तरदायित्व उठाना चाहता है। दरअसल, चयनकर्ता को यह किसी ने नहीं स्पष्ट किया कि भारतीय नारी अपने सिंदूर के प्रति कितनी अधिक समर्पित होती है। फिल्म भारत के सदियों पुराने आदर्श के प्रति समर्पित थी।
आशुतोष गोविरकर की फिल्म 'लगान' एक ब्लाकबस्टर फिल्म थी। इसे 2002 में ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था। इसमें आमिर खान लीड रोल में थे। फिल्म में ब्रिटिश कलाकारों के लिए इंग्लिश लिरिक्स और डायलॉग खुद आशुतोष गोवारिकर ने लिखे थे। ऑस्कर में यह फिल्म 'नो मैन्स लैंड' से पिछड़ गई थी।