बॉडी बिल्डिंग में चार बार मिस्टर यूनिवर्स और सात बार मिस्टर ओलंपिया रह चुके दुनिया के सबसे मशहूर अभिनेताओं में से एक अर्नाल्ड श्वार्जेनेगर का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वह अमेरिका में कैलिफोर्निया राज्य के गवर्नर रह चुके हैं और उनके नाम पर दक्षिणी कैलिफोर्निया यूनीवर्सिटी में एक संस्थान भी चलता है। 1984 में रिलीज हुई टर्मिनेटर से मेगा स्टार बने अर्नाल्ड का ये किरदार अगले हफ्ते दुनिया भर में रिलीज हो रही इसी सीरीज की अगली फिल्म टर्मिनेटर डार्कफेट से बड़े परदे पर फिर लौट रहा है। अमर उजाला ने अर्नाल्ड से ये खास मुलाकात दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में की।
टर्मिनेटर सीरीज की दूसरी फिल्म की कहानी को उठाकर सीधे टर्मिनेटर डार्कफेट बनाने का निर्माता जेम्स कैमरॉन का फैसला आपको पहली बार सुनने पर कितना पसंद आया?
टर्मिनेटर डार्कफेट को बनाने का पूरा श्रेय जिम (जेम्स कैमरॉन) को जाता है। वह मेरे पास इस फिल्म का विचार लेकर आए और उन्होंने मुझसे पूछा कि अगर मैं इसे करने के लिए उत्सुक होउंगा। मैंने तो यही कहा कि जब भी हमारे पास कोई अच्छा आइडिया हो तो उस पर काम करना अच्छा ही होता है। तो जिम ने कहा कि उनके पास सिर्फ टर्मिनेटर की वापसी का आइडिया ही नहीं बल्कि लिंडा हैमिल्टन के किरदार को भी फिल्म में पास लाने का आइडिया है तो मैं बहुत उत्साहित हो गया। ये एक तरह का पुनर्मिलन हो गया। हमने बिना जिम के कई टर्मिनेटर फिल्में बनाईं, लेकिन टर्मिनेटर डार्कफेट में जिम वापस आ रहे हैं, लिंडा वापस आ रही हैं तो ये फिल्म इस मायने में बहुत खास है।
विज्ञापन
2 of 6
Arnold Schwarzenegger
- फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
आपको करीब चार दशक हो रहे हैं सिनेमा में काम करते हुए। कितना फर्क आया है तब की और आज की एक्शन फिल्मों में?
काम करने के नजरिए से देखें तो सब कुछ वही है। एक अभिनेता को अब भी सेट पर पूरी तैयारी के साथ आना होता है। हथियारों के साथ शूटिंग से पहले लंबे समय तक ट्रेनिंग करनी होती है। लेकिन, परदे पर एक मशीन का किरदार करने में 1984 से लेकर 2019 तक जो बदलाव आया है, वो ये है कि अब आप दर्शकों का बेहतर तरीके से मनोरंजन कर सकते हैं और इसमें स्पेशल इफेट्क्स की तकनीक में हुए विकास ने बहुत मदद की है। जो काम हम शूटिंग करके नहीं कर सकते, उसकी भरपाई अब हम स्पेशल इफेक्ट्स से कर सकते हैं।
विज्ञापन
3 of 6
terminator
- फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
फिल्म टर्मिनेटर डार्कफेट के ऐसे किसी सीन के बारे में बताना चाहेंगे जो शायद पहले करना मुमकिन नहीं होता लेकिन तकनीक के सहारे इस फिल्म में उसे रचने में इसकी टीम कामयाब रही?
फिल्म टर्मिनेटर डार्कफेट में एक सीन है जिसमें एक जहाज में आग लगने के बाद वह आसमान से धरती की तरफ गिर रहा है और उसके भीतर फिल्म के विलेन से जबर्दस्त लड़ाई चल रही है। इस सीन में गुरुत्वाकर्षण क्षमता शून्य है यानी कि किरदार हवा में तैर रहे हैं और आपस में लड़ भी रहे हैं। जीरो ग्रैविटी में ऐसे सीन फिल्माया जाना पहले शायद संभव नहीं था। इस बार भी ये आसान नहीं रहा। इस सीन को पूरा करने में हमें तीन से चार हफ्तों का समय लगा। हम लोगों को तार के सहारे लटकाया गया था। हमारे चारों तरफ जहाज का ढांचा था और हम इधर से उधर हवा में बह रहे थे। बहुत मुश्किल था ये सब कहना, कई बार तो हमें शूटिंग रोक देनी होती थी क्योंकि हमारी प्राकृतिक प्रतिक्रियाएं भटकने लगती थीं। तो अब जहां कहीं भी अभिनेता की मेहनत कम पड़ जाती है वहां मदद करने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स आ जाते हैं। तकनीक के विकास से हम दर्शकों का बेहतर मनोरंजन कर पाने में सफल हो रहे हैं।
4 of 6
Terminator Dark Fate
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
हर टर्मिनेटर फिल्म में आपका किरदार यूं लगता है कि अब नहीं लौटेगा, क्या टर्मिनेटर डार्कफेट के साथ भी ऐसा होगा या फिर इसकी भी सीक्वेल बनाने की तैयारी है?
हां, आप सही कह रहे हैं। हर टर्मिनेटर फिल्म में मेरे किरदार के साथ ऐसा होता है। पहली टर्मिनेटर में सारा कॉनर मेरे किरदार को मशीन से कुचल देती है। फिर दूसरी टर्मिनेटर में मैं पिघलते हुए लावा में समा जाता हूं। इस बार क्या हो रहा है, ये दर्शकों को फिल्म देखकर पता चलेगा लेकिन इन फिल्मों की कहानियां ही इस तरह से लिखी गई हैं। मेरे किरदार यानी टर्मिनेटर 800 का परदे पर वापस लौटना दर्शकों पर निर्भर करता है। वहीं फिल्म का सीक्वेल बनाने का कारण बनते हैं। अगर दुनिया भर के दर्शकों को ये फिल्म पसंद आई और अगर जेम्स कैमरॉन को लगेगा तो हम इसकी भी सीक्वेल जरूर बनाएंगे।
विज्ञापन
5 of 6
Terminator Dark Fate
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
टर्मिनेटर सीरीज की पहली दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के रिकॉर्ड बनाए हैं। टर्मिनेटर डार्कफेट की कहानी उन्हीं दोनों फिल्मों के आगे से शुरू होती है, क्या आप वाकई बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को तरजीह देते हैं?
मैं अपनी किसी भी फिल्म से कोई उम्मीद नहीं रखता। ये हो भी नहीं सकता। जैसे कि राजनीतिक रैलियों में होता है। चुनाव के वक्त आपको पता नहीं होता कि इनका नतीजा क्या होगा। इसी तरह से फिल्में हैं, आपको पता नहीं होता कि नतीजा क्या होगा। लेकिन मैं आपको ये जरूर बता सकता हूं कि पूरे अमेरिका में हमने टर्मिनेटर डार्क फेट की तमाम टेस्ट स्क्रीनिंग्स कीं और इनमें आए लोगों की प्रतिक्रिया जबर्दस्त रही। इस फिल्म को लेकर मैं वैसे भी बहुत खुश हूं क्योंकि इसमें सारा कॉनर का किरदार करने लिंडा हैमिल्टन वापस लौटी हैं।
किसी भी नायक के निर्माण में उसके विरोधी खलनायक की मजबूती बहुत मायने रखती है। टर्मिनिटर डार्कफेट के विलेन रेव 9 के बारे में आप क्या कहेंगे?
टर्मिनेटर फिल्म का नायक यानी कि मेरा किरदार टी 800 एक ऐसा उग्र किरदार है कि उसके सामने कुछ नहीं टिकता। वह हर चीज को रौंदता हुआ निकल जाता है। ऐसे नायक वाली फिल्म में चुनौती ये रही कि हम कैसे इस तरह की दूसरी मशीन बनाएं जो इसके लिए चुनौती बन सके। विजुअल इफेक्ट्स के जरिए हमने इस फिल्म के विलेन के लिए कुछ नई खासियतें गढ़ी हैं। पहले की फिल्मों में ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला। रेव 9 की ये खासियतें उसे बहुत ही दुर्दांत विलेन बनाती हैं। फिल्म में ये किरदार ग्रैबिएल लुना ने अदा किया है और मैं कह सकता हूं कि ग्रैबिएल ने अपना किरदार बहुत ही शानदार तरीके से निभाया है।