हसरत जयपुरी
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जब हसरत को हुआ एक लड़की से प्यार
हसरत जयपुरी आशिक मिजाज के भी व्यक्ति थे। उन्हें युवा दौर में अपने पड़ोस में रहने वाली लड़की राधा से प्यार हो गया था। उन्होंने उस लड़की को प्रेम पत्र लिखा था, जिसका जिक्र उन्होंने एक इंटरव्यू में किया था। उन्होंने कहा, ‘यह बिल्कुल जरूरी नहीं है कि एक मुस्लिम लड़के को केवल एक मुस्लिम लड़की से ही प्यार हो। मेरा प्यार चुप था, लेकिन मैंने उसके लिए एक कविता लिखी, 'ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर के तुम नाराज न होना’। हालांकि फिल्म निर्माता राज कपूर को यह इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे अपनी फिल्म 'संगम' में शामिल किया और यह हिट गीत साबित हुआ।'
शंकर जयकिशन और शैलेंद्र की जोड़ी के साथ हसरत ने किया कमाल
'बरसात' फिल्म में हिट होने के बाद संगीतकार हसरत की शंकर जयकिशन और शैलेंद्र के साथ जोड़ी बन गई थी। इस टीम ने कई फिल्मों के गीत को अमर कर दिया। ‘अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां खतम’ इन्हीं तीनों की जोड़ी का एक सफल उदाहरण है। कुछ ऐसा ही हुआ इनकी जोड़ी के साथ भी। 1971 में जयकिशन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उसके बाद तीनों टूट गए।