अन्नू कपूर
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अन्नू जी, फिल्म ‘हमारे बारह’ में आपने एक संगीतज्ञ का किरदार निभाया है और वह है बहुत सख्त मिजाज! एक कलाकार का मिजाज जब ऐसा हो जाए तो उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?
ये फिल्म जब तक आप देखेंगे नहीं, एक नारी की पीड़ा क्या होती है वह समझ नहीं आएगी। मातृत्व का जो समर्पण और प्रेम है वो समझ नहीं आएगा। फिल्म के अंत के दृश्यों में इसके रचनात्मक लेखक सूफी खान ने संवादों के जरिये फिल्म को जो मोड़ दिया है एक मध्यम मार्ग दिखाता।