दिवंगत गायिका गीता दत्त
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दो लाइनें गाकर छा गईं गीता दत्त
गीता दत्त ने छोटी उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था। लेकिन उन्हें बतौर गायिका पहला ब्रेक साल 1946 में मिला था, जब वह महज 16 साल की थीं। उन्होंने फिल्म 'भक्त प्रह्लाद' के एक गाने में सिर्फ दो लाइनें ही गाई थीं। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘दो भाई’ के गाने में अपनी आवाज दी। गीता दत्त ने अपने करियर में 'चिन चिन चू', 'आंखों ही आंखों', 'जाने कहां मेरा जिगर गया जी', 'बाबू जी धीरे चलना', 'पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे', 'वक्त ने किया क्या हसीं सितम', 'मुझे जान न कहो मेरी जान', और 'ये लो मैं हारी पिया' जैसे तमाम हिट गाने दिए, जिन्हें आज भी चाव से सुना जाता है। गीता दत्त ने अपने करियर में एस.डी. बर्मन, ओ.पी. नैय्यर, और हेमंत कुमार जैसे बड़े संगीतकारों के साथ काम किया।