अनिल शर्मा
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आपने मथुरा का जिक्र किया। क्या आपके मन में वहां की कोई स्मृति थी?
वृंदावन में हजारों वृद्ध और विधवा औरतें हैं, जिन्हें उनके घर वालों ने वहां छोड़ दिया। अभी महाकुंभ आ रहा है, जो बेहद खूबसूरत होता है, लेकिन इसका एक दुखद पहलू भी है। कुंभ में हर बार कुछ ऐसे लोग भी आते हैं, जो अपने घर के बुजुर्गों को वहां छोड़ जाते हैं, इसलिए मैंने सोचा कि 'गदर 2' के बाद एक पारिवारिक फिल्म बनाएं। एक्शन के माहौल में यह फिल्म बसंत की बहार की तरह होगी। ऐसी फिल्म समाज के लिए जरूरी है। वक्त की धूल हम पर जम गई है और व्यस्तता की धूल में हम रम गए हैं। हम अपने बुजुर्गों की देखभाल नहीं कर पा रहे। मैं उस धूल को आपके चेहरे से हटाकर आईने में आपको हकीकत दिखाना चाहता हूं, ताकि बच्चे अपने बुजुर्गों के लिए वक्त निकाल सकें।