जॉन अब्राहम एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘पठान’ में आपको अपना किरदार इतना पसंद है कि इसकी कहानी पर एक अलग फिल्म पर भी आप चर्चा करते हैं? खलनायकी भाती है आपको?
बिल्कुल भाती है। मुझे लगता है कि स्याह किरदारों में मेरे भीतर का कलाकार खिलता है। अगर आप देखें तो ‘धूम’, ‘पठान’, ‘जिंदा’, ‘न्यूयॉर्क’, ‘टैक्सी नंबर नौ दो ग्यारह’ या फिर ‘शूटआउट एड वडाला’, इन सारी फिल्मों में दर्शकों ने मुझे खूब प्यार दिया। मुझे लगता है कि उन्हें भी मैं ऐसे किरदारों में अच्छा लगता हूं। मेरी कॉमेडी फिल्में, देशभक्ति फिल्में और गंभार विषय वाली फिल्में भी चलती हैं। लेकिन, जब कोई मेरे पास कोई फिल्म ये कहकर लाता है कि आप ऐसे ऐसे कर लो, ये फिल्म पक्का हिट होने वाली है, बस वही फिल्म नहीं चलती।