अपूर्वा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपकी पिछली फिल्म ‘अपूर्वा’ की सबसे बड़ी खासियत इसका एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में सीमित रहना और इसमें गिनती के कलाकार होना है, और ऐसा ही ताना बाना ‘किल’ का भी नजर आ रहा है..
फिल्म ‘किल’ की कहानी भी एक चलती ट्रेन पर घटती कहानी है। ‘अपूर्वा’ की कहानी भागती जिंदगी के बीच हुए एक हादसे की कहानी है। दोनों में बस इतनी ही साम्यता मैं मान सकता हूं, बाकी दोनों फिल्मों का इतिहास, भूगोल, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र सब अलग है। यहां कलाकारों के बीच जो केमिस्ट्री है, वह घातक है। लक्ष्य लालवानी को मैंने एक्शन के साथ पेश किया है, लेकिन इस अभिनेता में अभी बहुत कुछ गुंजाइश बाकी है।