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Exclusive: छह महीने तक लगातार चली 'लगान' की शूटिंग; दयाशंकर पांडे ने सुनाए किस्से, आमिर को बताया गॉड ब्रदर

सार

25 Years of Lagaan: साल 2001 में जहां एक तरफ सनी देओल की 'गदर' ने खूब तहलका मचाया तो दूसरी तरफ आमिर खान ने स्क्रीन पर ऐसा छक्का जड़ा कि बॉल बाउंड्री पार करके ऑस्कर तक पहुंची। इस क्लासिक फिल्म को रिलीज हुए आज 25 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर फिल्म में गोली का किरदार निभाने वाले अभिनेता दयाशंकर पांडे ने सेट से जुड़े अनसुने किस्से अमर उजाला के साथ साझा किए।  
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फिल्म 'लगान' को लेकर दया शंकर पांडे ने साझा की खास बातें - फोटो : अमर उजाला
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15 जून 2001
साल 1999 में 'मन' और 2000 में 'मेला' जैसी फ्लॉप फिल्में दे चुके आमिर खान की अगली फिल्म 'लगान' इसी तारीख पर रिलीज हुई थी। साढ़े 3 घंटे से ज्यादा लंबी यह फिल्म जिसमें आमिर को छोड़कर कोई और बड़ा जाना पहचाना चेहरा नहीं था। एक्शन फिल्मों के उस दौर में दूसरी तरफ रिलीज हुई थी सनी देओल की फिल्म 'गदर'। कुल मिलाकर 'लगान' के लिए दर्शकों को थिएटर तक खींच पाना आसान नहीं था। 
पर फिल्म की रिलीज के दिन अंदाजा लगा कि भुवन अपनी टोली के साथ इतिहास रचने निकले हैं। उस दौर में शायद किसी ने नहीं सोचा था कि 'लगान' सिर्फ एक फिल्म बनकर नहीं रह जाएगी, इसे 25 साल बाद भी बड़ी शिद्दत से याद किया जाएगा।


फिल्म में भले ही आमिर खान भुवन बनकर अपनी लड़ाई लड़ रहे थे पर उनकी टोली में एक ऐसा किरदार भी था जिसने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उस किरदार का नाम था गोली। इस किरदार को बड़े पर्दे पर अभिनेता दयाशंकर पांडे ने निभाया था। 
आज 'लगान' को रिलीज हुए पूरे 25 साल पूरे होने पर अमर उजाला से बातचीत में पांडे ने उस दौर की कई यादें साझा की हैं। ऐसी यादें, जिन्हें सुनकर महसूस होता है कि कुछ फिल्में सिर्फ बनती नहीं हैं, वो जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं।

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फिल्म 'लगान' की स्टार कास्ट - फोटो : सोशल मीडिया

छह महीने घर से दूर थे
'इस फिल्म का पूरा शूटिंग शेड्यूल ही हम सबके लिए यादगार बन गया। हम 2 जनवरी 2000 को मुंबई से निकले थे और 19 जून को वापस लौटे थे। हमने फिल्म के लगातार छह महीने शूट किया। अपने परिवार को छोड़कर इतना लंबा शेड्यूल मैंने पहले कभी नहीं किया था।
फिल्म इंडस्ट्री में इतना लंबा लगातार शेड्यूल, मुझे नहीं लगता ऐसा कभी इससे पहले हुआ था। आज वीडियो कॉल है, मोबाइल है। परिवार का चेहरा कभी भी देख सकते हैं। लेकिन उस वक्त ऐसा कुछ नहीं था। कभी-कभी फोन करते थे घर पर तो बस बीवी और बच्चों की आवाज सुनकर ही खुश हो जाते थे।'
 

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फिल्म 'लगान' में आमिर खान - फोटो : यूट्यूब @NetflixIndia

आमिर ने हम सबको बड़े प्यार से रखा 
‘आमिर साहब ने हम सबको बहुत अच्छे से रखा था। उन्होंने कहा था कि परिवार को बुला सकते हो, लेकिन छह महीने तक कौन किसी को रख सकता है। कुछ दिन के लिए लोग आते थे। मिलते थे और वापस चले जाते थे। आज सोचता हूं तो लगता है कि हमने सच में एक बिल्कुल अलग दौर जिया था। सोचिए साल 2000 में जब हम लगान की शूटिंग कर रहे थे, उसी दौरान मेरा बेटा पैदा हुआ था। आज वही बेटा 25 साल का हो चुका है और शादीशुदा है। कभी-कभी यकीन ही नहीं होता कि वक्त इतनी तेजी से निकल गया। ऐसा लगता था कि फिल्म की शूटिंग खत्म ही न हो। क्योंकि शूटिंग के दौरान जो खुशियां हमने जी थीं, जो मजा हमने लिया था… हम उसे खत्म नहीं होने देना चाहते थे। अक्सर लोग फिल्म खत्म होने का इंतजार करते हैं। लेकिन ‘लगान’ के साथ उल्टा था। ऐसा लगता था कि ये सफर चलता रहे।’

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फिल्म 'लगान' का एक दृश्य - फोटो : सोशल मीडिया

रोक–रोककर फिल्म देखता हूं
'इतने साल में मैंने कई बार यह फिल्म अकेले बैठकर भी देखी है। मैं उसे रोक-रोक कर देखता था क्योंकि हर सीन के पीछे एक याद जुड़ी हुई थी।कोई सीन खत्म होता था तो याद आता था कि इसकी शूटिंग के बाद क्या हुआ था। उस दिन सेट पर क्या माहौल था। शायद यही वजह है कि मेरे लिए लगान सिर्फ फिल्म नहीं, जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। '

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फिल्म 'लगान' - फोटो : एक्स (ट्विटर)

फिल्म ‘लगान’ 100 हफ्ते चलती
'उस दौर में आटीटी और टीवी का आज जैसा माध्यम नहीं था। थिएटर ही सब कुछ होता था। मुझे पूरा विश्वास है कि अगर आज वाला ओटीटी का दौर नहीं आया होता, तो ‘लगान’ जैसी फिल्म सौ हफ्ते चलती। सिनेमा देखने का तरीका अलग था। लेकिन खुशी की बात ये है कि इस फिल्म को लोग आज भी उतना ही प्यार करते हैं।
हमें अभी पता चला कि फिल्म तीन दिन के लिए दोबारा रिलीज हो रही है। खबर आई कि लगभग 80 प्रतिशत बुकिंग पहले ही हो चुकी है। ये हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। इसे मैं अहंकार नहीं कहूंगा। हम खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि ऐसी फिल्म का हिस्सा बने।
' 

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फिल्म 'लगान' में आमिर खान - फोटो : सोशल मीडिया

आमिर गॉडफादर नहीं, गॉड ब्रदर जैसे
'आमिर की बात करूं तो मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा। उन्होंने मुझे हर वक्त सपोर्ट किया। उन्होंने मुझे सिर्फ 'लगान' में नहीं, 'गुलाम' में भी रिकमेंड किया था। 'रंगीला' में भी उन्होंने मेरा नाम आगे बढ़ाया था। हर किसी का कोई गॉडफादर होता है। लेकिन वो मेरे लिए गॉड ब्रदर जैसे रहे हैं।
सबसे बड़ी बात ये है कि आज भी इतने साल बाद उनमें कोई बदलाव नहीं आया। हम आज भी मिलते हैं। कभी-कभी मुझे खुद हैरानी होती है। दुनिया उन्हें सुपरस्टार के रूप में देखती है। लेकिन जो लोग उन्हें करीब से जानते हैं, वो जानते हैं कि उनके अंदर सबसे खूबसूरत चीज उनका इंसान होना है। वो बेहतरीन अभिनेता हैं। बेहतरीन फिल्ममेकर हैं। लेकिन सबसे पहले वो बहुत अच्छे इंसान हैं।' 

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फिल्म 'लगान' के कुछ खास दृश्य - फोटो : सोशल मीडिया
'लगान’ को लोगों के प्यार ने जिंदा रखा है
'सबसे पहला क्रेडिट मैं हमेशा दर्शकों को देना चाहता हूं। सच यही है कि ‘लगान’ को इतने वर्षों तक लोगों ने ही जिंदा रखा है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आज 25 साल पूरे हुए हैं, इसलिए लोग इसे याद कर रहे हैं। कमाल की बात ये है कि शायद ही कोई ऐसा साल गया हो जब किसी ने ‘लगान’ की बात न की हो।
कभी कोई कहता है कि ‘लगान’ को एक साल हो गया। फिर कोई पांच साल पूरे होने पर याद करता है। कोई दस साल पूरे होने पर। ऐसा लगता है जैसे हर पड़ाव पर लोगों ने इस फिल्म को अपने दिल में जिंदा रखा।
सबसे बड़ी बात यह है कि आज भी लोग मिलते हैं और कहते हैं कि उन्होंने हाल ही में ये फिल्म दोबारा देखी। तब समझ आता है कि कुछ फिल्में वक्त के साथ पुरानी नहीं होती हैं। वो लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। ‘लगान’ मेरे लिए हमेशा ऐसी ही फिल्म रहेगी।'
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