‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ वह गीत है, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जब लता मंगेशकर की आवाज में सुना तो उनके आंसू छलक पड़े। आज भी इस गीत का जादू ऐसा है कि जब इसे कोई सुनता है, तो देशभक्ति और बलिदान की भावना से ओत-प्रोत होकर उसकी आंखें नम हो जाती हैं। यह सबको मालूम है कि इस गीत को लता मंगेशकर ने गाया है, लेकिन शायद ही बहुत कम लोगों को मालूम हो कि इस गीत को कंपोज किया है सी रामचंद्र ने। संगीतकार सी रामचंद्र ने ‘भोली सूरत दिल के खोटे', 'शोला जो भड़के', 'किस्मत की हवा कभी नरम-कभी गरम', 'आना मेरी जान संडे के संडे', 'कदम कदम बढ़ाये जा', 'दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम' जैसे सुपरहिट गानों को कंपोज किया है। यह गीत आज भी लोगों को सुकून पहुंचाते हैं। आज लगभग 50 वर्षों बाद भी इन गीतों का कोई विकल्प नहीं है। इन कालजयी गीतों की धुन सी रामचंद्र की पोटली से ही हुआ है। आइए आज उनकी पुण्यतिथि पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातों को जानते हैं।