किसी नए टेलीविजन धारावाहिक को शुरू करने से पहले जितनी माथापच्ची सीरियल की निर्माता टीम के लेखकों और टीवी चैनल की क्रिएटिव टीम के बीच होती है, उसे एक बार खुद देख लें तो हो सकता है आपको लगे कि इससे बढ़िया तो कोई दूसरा रियलिटी शो भी नहीं हो सकता। तमाम ‘ज्ञान’ लगाने के बाद भी जब धारावाहिक चल नहीं पाता तो भला किसे अच्छा लगता होगा, लेकिन यही दरअसल किसी चैनल की क्रिएटिव टीम का असली टेस्ट होता है और इस टेस्ट में इस बार फेल होने की बारी जीटीवी की टीम की है।