जंजीर
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जंजीर लंबे समय तक अटकी रही तो उत्तर प्रदेश में जिला बिजनौर के प्रकाश मेहरा एक दिन पूरे ताव में धर्मेंद्र के घर जा पहुंचे और आर पार की बातें करने लगे। धर्मेंद्र ने देखा कि कहीं फिल्म के चक्कर में दोस्ती न हाथ से निकल जाए तो उन्होंने अपने पैसे से खरीदी फिल्म जंजीर की स्क्रिप्ट प्रकाश मेहरा को दे दी और ये भी छूट दे दी कि वह चाहें तो किसी दूसरे अभिनेता के साथ ये फिल्म बना सकते हैं। इसके बाद के कुछ किस्से आपको पता होंगे, कुछ नहीं। आपको पता होगा कि ये फिल्म देव आनंद से लेकर राजकुमार और दिलीप कुमार तक का चक्कर लगाकर अमिताभ बच्चन की झोली में गिरी। देव आनंद को फिल्म में अपने ऊपर चार पांच गाने चाहिए थे, प्रकाश मेहरा इसके लिए तैयार नहीं हुए। राजकुमार चाहते थे फिल्म मद्रास में शूट हो। प्रकाश मेहरा ने अपनी कहानी का शहर बदलने से इंकार कर दिया। दिलीप कुमार को तो फिल्म के हीरो का किरदार ही नहीं जमा। अमिताभ बच्चन की एक फिल्म उन्हीं दिनों रिलीज हुई थी बॉम्बे टू गोवा। फिल्म जंजीर में धर्मेंद्र, मुमताज के अलावा जो तीसरे कलाकार साइन हुए थे, वह थे प्राण। प्राण ने ही प्रकाश मेहरा को फिल्म का वो फाइटिंग सीन देखने की सलाह दी, जिसमें अमिताभ चुइंगम चबाते हुए शत्रुघ्न सिन्हा की पिटाई करते हैं। प्रकाश मेहरा ने फिल्म देखी। अमिताभ बच्चन उन्हें जंच गए। इधर वह अमिताभ बच्चन को साइन करके आए, उधर मुमताज ने ये फिल्म ये कहते हुए छोड़ दी कि वह शादी करने की योजना बना रही हैं और शूटिंग के लिए तारीखें नहीं दे सकतीं। हालांकि उन्होंने फिल्म छोड़ी थी अमिताभ बच्चन के साथ अपनी एक और फिल्म बंधे हाथ का हश्र देखकर। तब फिल्म में जया भादुड़ी की एंट्री हुई।