सलोनी गौड़
उन्होंने कहा कि वेलकम पराग भाई, अगर वीर दास के हिसाब से दो इंडिया है तो आपने दोनों को प्राउड फील कराया है। हमारा तो आपके परिवार से बहुत पुराना संबंध है। हमारा राशन, हमारे कपड़े और मिठाइयां सब आपके रिश्तेदारों की दुकान से ही आती हैं। पराग जी मैंने आपके पुराने ट्वीट्स पढ़े हैं। हमारी मानसिकता एक जैसी ही है।