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Yeh Meri Family: दूसरा सीजन देखने से पहले समझिए अब तक की कहानी, पारिवारिक हास्यगाथा के ये रहे सातों अध्याय

Thu, 18 May 2023 08:43 AM IST
प्रियंका नेगी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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ये मेरी फैमिली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
टीवीएफ के सबसे चर्चित शोज में से एक 'ये मेरी फैमिली' का दूसरा सीजन आने वाला है। पहले सीजन के रिलीज के बाद इस शो को दर्शकों से जिस तरह का प्यार मिला वह काबिले तारीफ है। लंबे समय के बाद अब शो के मेकर्स ने इस सीरीज के दूसरे सीजन को लाने का निर्णय लिया है। सीरीज का पहला सीजन 2018 में रिलीज किया गया जिसमें मोना सिंह, आकर्ष खुराना, विशेष बंसल, प्रसाद रेड्डी, अहान निर्बान और रेवती मुख्य कलाकारों के रूप में शामिल थे। सौरभ खन्ना की लिखी इस सीरीज का निर्देशन समीर सक्सेना ने किया। सात एपिसोड का सीरीज का पहला सीजन बहुत ही दिलचस्प है, चलिए बताते हैं आपको पहले सीजन की पूरी कहानी, एपिसोड दर एपिसोड...
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ये मेरी फैमिली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड पहला
सीरीज की शुरूआत होती है स्कूल की गर्मियों की छुट्टियों से। हर्षु (विशेष बंसल) इन गर्मियों में खूब घूमने और मस्ती करने के मूड में होता है। इस सभी चीजों का आइडिया हर्षु को उसका दोस्त शैंकी ( प्रसाद रेड्डी) देता है। लेकिन शैंकी के साथ बनाए उसके सारे प्लान फेल कर दिए जाते हैं।क्योंकि पढ़ाई में कमजोर होने के कारण उसका हिंदी विषय के लिए ट्यूशन लगा दिया गया है। मां (मोना सिंह) से यह  सुनकर हर्षु दुखी और नाराज हो जाता है। इसके बाद जब वह अपने दोस्त शैंकी को फोन करके यह सारी बातें बताता है तो शैंकी घुमा फिरा कर उसे ट्यूशन की अच्छाइयां बताता है।
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ये मेरी फैमिली, चिट्टी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड दूसरा
किसी भी स्कूली बच्चे को अपना जन्मदिन गर्मी की छुट्टियों में मनाना बिल्कुल नहीं पसंद होता है क्योंकि उसको अपने दोस्तों के साथ मिलने और उनके साथ  बाहर जाने का यही एक मौका होता है। हर्षु का जन्मदिन 8 मई को पड़ता है और हर साल उसे अपना जन्मदिन मोहल्ले के लोगों के साथ बिताना पड़ता है जो उसको बिल्कुल नही गवारा है। अब इस साल वह अपने जन्मदिन के लिए अपने दोस्त के साथ चुपके से फिल्म देखने का प्लान बनाता है। लेकिन तमाम लड़ाई झगड़ों के बाद भी उसे बाहर जाने नहीं मिलता है। मम्मी स्कूल के कुछ बच्चों को बुला लेती हैं और उन बच्चों में उसकी पसंदीदा छात्रा विद्या के होने से हर्षु का मन अच्छा हो जाता है।

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ये मेरी फैमिली, पापा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड तीसरा
हर्षु का सालाना रिजल्ट आने वाला है। उसके पिता स्कूल रिजल्ट लेने आएंगे। दरअसल हर्षु के पिता का वजन काफी ज्यादा है जिसको लेकर उसके स्कूल के बच्चे मजाक बनाते हैं। जिस कारण हर्षु अपने पिता को दूसरों के सामने दिखाने से शर्माता है। दूसरों के पिताओं को देख कर ललचाता है कि काश ऐसे मेरे भी पता होते। उसको लगता है कि मेरे पापा किसी काम के नहीं हैं। लेकिन एक दिन उसका यह भ्रम टूट जाता है जब उसके पापा क्रिकेट की पहली ही बॉल पर छक्का मार देते हैं जिसके बाद से उसके मन में अपने पिता के प्रति प्रेम और इज्जत बढ़ जाती है।
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ये मेरी फैमिली, विद्या - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड चौथा
हर्षु का बड़ा भाई देवांश 15 साल का हो चुका है। और वह चुपके से अपने पास कुछ अडल्ट पत्रिका रखता है जिसके बारे में एक दिन हर्षु को पता लगता है और उसे देख कर हर्षु एकदम चौक जाता है। उसको समझ में आता है कि उसका भाई इतना भी सीधा नहीं है जितना लोग उसको समझते हैं। हर्षु उसे धमकी दे रहा होता है। जब तक उनकी बात खत्म होती तब तक  उसके मां को वह पत्रिका मिल जाती है। हर बार की तरह सारा इल्जाम हर्षु पर ही जाता है लेकिन हर्षु नकारता नहीं है और सारा इल्जाम अपने सिर पर ले लेता है।
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पापा ये मेरी फैमिली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड पांच
रविवार की सुबह हर्षु  के माता पिता के बीच भयंकर झगड़ा हो जाता है। दोनों भाई मिल कर घर को संभालने की कोशिश करते हैं और फूंक फूंक कर कदम रखते हैं। इस बीच बाहर धूप में सूख रहे आम को कोई बिखेर देता है। पिता (आकर्ष खुराना) आवाज लगाते हैं तो सब दौड़ कर जाते हैं लेकिन जब तक कोई कुछ बोले, हर्षु की छोटी बहन अपना जुर्म कबूल लेती है। उसे जोर का चांटा पड़ जाता है जिसके बाद छोटी सी बच्ची सहम जाती है। थोड़ी देर बाद पूरे घर में जब उसकी मां उसे पूरे घर में ढूंढ रही होती हैं तो वह होती ही नहीं है।

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फैमिली ऑफ ये मेरी फैमिली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड छह
हर्षु को अपने कक्षा की लड़की विद्या (रेवती पिल्लई) बहुत पसंद है। विद्या को प्रभावित करने के लिए हर्षु अपने दोस्त शैंकी से कई नए नए तरीके सीखता है। बॉडी बिल्डर के पोस्टर अपने कमरे में चिपका लेता है। और अंग्रेजी गाना सुनने लगता है क्योंकि शैंकी उसे बताता है कि लड़की ऐसे ही जल्दी प्रभावित होती हैं। लेकिन, इन सबके बीच हर्षु अपना एक पैंतरा अपनाता है और स्लैम बुक बनाता है। ट्यूशन में जब विद्या आती है तो उसको भरने के लिए बोल देता है। अब स्लैम बुक में विद्या का जवाब जानने के लिए हर्षु बहुत ही उत्साहित रहता है। इसलिए वह अपनी किताब लेने विद्या के घर चला जाता है।

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ये मेरी फैमिली, विद्या - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड सात
यह सीरीज के सीजन वन का आखिरी एपिसोड है। खत्म होती हैं गर्मी की छुट्टियां। अब स्कूल की तैयारियों में किताबों पर कवर चढ़ने शुरू हो गए हैं। गर्मी की छुट्टियों की विदाई के साथ बड़े भाई देवांश की भी विदाई है। देवांश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा जा रहा है। देवांश के जाने को लेकर पूरा परिवार उदास होता है सिवाय हर्षु के। हर्षू इस बात को लेकर खुश है कि अब पूरा कमरा अकेले उसका होगा। लेकिन जब वह डब्बू को जाते हुए देखता है तो उदास हो जाता है। जैसे ही डब्बू कार में बैठ कर घर से निकलता है वैसे ही हर्षु रोता हुआ आता है। लेकिन तब तक डब्बू जा चुका होता है। डब्बू के जाने के बाद हर्षु को बड़े भाई का प्यार और स्नेह समझ में आता है। 

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