हिंदी सिनेमा में यशराज फिल्म्स को सबसे बड़ा प्रोडक्शन हाउस माना जाता है। जैसे लक्स साबुन हर दौर के सबसे बड़े सितारों के साथ अपना नाम जोड़कर ही चैन लेता है, वैसे ही ये सितारे भी जब तक यशराज फिल्म्स की एक फिल्म न कर लें, उन्हें लगता ही नहीं कि वह बड़े सितारे बने भी हैं। सिनेमा में अव्वल नंबर का ठप्पा पक्का वाला उसी की पीठ पर लगता है, जिसकी पीठ यशराज फिल्म्स की किसी फिल्म में पब्लिक ने ठोकी है। वक्त के साथ बदलती पब्लिक की पल्स समझने वाले इस सिनेमाघर के 50 साल पूरे होने के जश्न की शुरूआत हो रही है। तो चलिए आपको ले चलते हैं इस कंपनी की पहली फिल्म की तरफ और सुनाते हैं इसके बनने की कहानी। साथ में तीन और फिल्में सिलसिला, काला पत्थर और चांदनी के किस्से बोनस में हैं।