नब्बे का दशक कई मामलों में बेहद अनोखा था। खासकर भारतीय सिनेमा और संगीत के इतिहास के लिए क्योंकि इस दशक में सिनेमा से ज्यादा म्यूजिक वीडियोज का जलवा रहा। छोटे शहरों से लेकरमोहल्लों तक पार्टी में बजता था फाल्गुनी पाठक का गाना। जीहां वहीं फाल्गुनी पाठक जो अपनी मीठी आवाज से सबका दिल जीत लेती थीं। वहीं फाल्गुनी पाठक जिन्होंने सिखाया कि पायल छनकाने से सजना को बुलाया जा सकता है।