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प्रकृति से छेड़छाड़ पड़ती है भारी, पर्यावरण बचाने का मैसेज देती हैं ये 6 बॉलीवुड फिल्में

Wed, 05 Jun 2019 07:56 AM IST
Avinash Pal एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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विश्व पर्यावरण दिवस - फोटो : अमर उजाला
संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से 1972 में बढ़ते प्रदूषण को पर चिंता जाहिर करते हुए पर्यावरण दिवस की नींव रखी गई थी। तब से ही हर 5 जून को एक थीम के साथ मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)। इस बार की थीम है 'बीट एयर पॉल्यूशन'। दरअसल पर्यावरण के बचाव को लेकर बॉलीवुड भी वक्त वक्त पर ऐसी फिल्में बनाता रहा है जिसने बताया कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कितना हानिकारक हो सकता है। चूंकि अगर हम प्रकृति को नहीं संरक्षित करेंगे तो फिर प्राकृतिक आपदाओं का हमे ही सामना करना पड़ेगा। कम बारिश, सूखा, बाढ़ आदि सब प्रकृति से छेड़छाड़ के ही नतीजे माने जाते हैं। ऐसे में एक नजर उन फिल्मों पर जो प्रकृति आपदाओं का एक विभत्स रूप दिखाती हैं...
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फिल्म तुम मिले का सीन - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म- तुम मिले
साल 2009 में इमरान हाशमी और सोहा अली खान स्टारर फिल्म 'तुम मिले' रिलीज हुई थी। फिल्म 2005 में मुंबई में आई बाढ़ पर बनी थी। फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे मुंबई में बाढ़ का असर लोगों पर पड़ा था और कैसे लोगों ने खुद को बचाया था। फिल्म का निर्देशन कुणाल देशमुख ने किया था।
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फिल्म केदारनाथ का पोस्टर - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म- केदारनाथ
दिसंबर 2018 में रिलीज हुई फिल्म केदारनाथ भी असली आपदा पर आधारिक थी। हालांकि फिल्म को पूरी तरह से घटना पर आधारित नहीं दिखाया था और रोमांटिक ट्विस्ट दिया गया था। फिल्म में 2013 में आई बाढ़ का जिक्र था। फिल्म में सोहा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत लीड रोल में थे। फिल्म का निर्देशन अभिषेक कपूर ने किया था। गौरतलब है कि 2013 में आई बाढ़ ने पूरा केदारनाथ तहस नहस कर दिया था लेकिन महादेव की मूर्ति टस से मस नहीं हुई थी।

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कड़वी हवा का पोस्टर - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म- कड़वी हवा
फिल्म कड़वी हवा 2017 में रिलीज हुई थी। फिल्म में संजय मिश्रा और रणवीर शौरी लीड रोल में थे। कड़वी हवा फिल्म जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आधारित थी। दरअसल फिल्म की कहानी दो ज्वलन्त मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है- जलवायु परिवर्तन से बढ़ता जलस्तर व सूखा। फिल्म में एक तरफ सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड को दिखाया गया था तो वहीं दूसरी तरफ ओडिशा के तटीय क्षेत्र था। गौरतलब है कि फिल्म में मनोरंजन का तड़का भी लगाया गया था।
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mother india
फिल्म- मदर इंडिया
वैसे तो 1957 में रिलीज हुई फिल्म 'मदर इंडिया' एक मां की कहानी बयां करती है लेकिन साथ ही साथ फिल्म के एक हिस्से में सूखे का आतंक भी देखने को मिलता है। जिसके कारण मां के हालात और बिगड़ जाते हैं। फिल्म का वो हिस्सा सबक देता है कि प्रकृति पर किसी का कोई बस नहीं है। बता दें कि फिल्म में नर्गिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राज कुमार मुख्य भूमिका में थे।
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lagaan
फिल्म- लगान 
आमिर खान की फिल्म लगान 2001 में रिलीज हुई थी। फिल्म अंग्रजों के शासन की एक कहानी दिखाती है जिसमें भारतीयों को अग्रेंजों को लगान चुकाना पड़ता है। हालांकि फिल्म को काफी मनोरंजक तरीके से पेश किया गया था लेकिन फिल्म की असली शुरुआत ही होती है जब एक बार फिर बारिश नहीं होती है और फसलें नहीं उगती। इसके बाद शुरू होता है क्रिकेट का रोमांचकारी सिलसिला।
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पीपली लाइव का पोस्टर - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म- पीपली लाइव
2010 में रिलीज हुई फिल्म पीपली लाइव ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। फिल्म का निर्देशन अनुषा रिजवी ने किया था जबकि निर्माता आमिर खान थे। फिल्म में रघुवीर यादव जैसे बेहतरीन कलाकार थे। फिल्म की रिलीज के वक्त आमिर ने बताया था कि देश के किसानों की बड़ी समस्या को काफी मनोरंजक तरीके से पेश किया गया है। बता दें कि फिल्म की कहानी किरदार नत्था के आसपास घूमती है जो सूखे के चलते सरकारी लोन नहीं चुका पाता है और सरकार उसकी जमीन कब्जाने के आदेश देती है। वहीं दूसरी ओर सरकार उन किसानों की मदद करती है जो सूखे और कर्ज से त्रस्त होकर आत्महत्या करते हैं। ऐसे में नत्था का भाई उसे आत्महत्या करने के लिए कहता है।
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