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हॉरर फिल्मों का लेखा जोखा, दमदार कहानी के बावजूद क्यों बड़े सितारे बनाकर रखते हैं दूरी?

Wed, 03 Mar 2021 03:15 PM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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बुलबुल, भूत, परी, स्त्री - फोटो : फिल्म
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बीते कुछ सालों में काफी बदलाव आया है। नाटकीय कहानियों की अपेक्षा अब असल जिंदगी से जुड़ी कहानियों पर जोर दिया जा रहा है। इसकी एक बड़ी वजह है अब दर्शकों की पसंद भी बदलती जा रही है। छोटे बजट की बगैर नाच गाने वाली फिल्में भी सिनेमाघरों में कमाल कर रही हैं। इसी तरह से हॉरर फिल्मों का दायरा भी पिछले कुछ समय में बढ़ा है। जल्द ही राजकुमार राव और जान्हवी कपूर हॉरर फिल्म लेकर आ रहे हैं। उससे पहले राजकुमार फिल्म स्त्री में दिखे थे। वहीं अक्षय कुमार की लक्ष्मी भी डरावनी फिल्मों की श्रेणी में आती है। विक्की कौशल की भूत और अनुष्का शर्मा की परी भी इसी लिस्ट में है।
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लंका दहन - फोटो : फिल्म
हिंदी में कब से बन रहीं हॉरर फिल्में
डर के जरिए मनोरंजन का यह दौर मूक फिल्मों से चल रहा है। हालांकि उस वक्त लोग परिवार के साथ ऐसी फिल्में देखना नहीं पसंद करते थे ऐसे में जिन फिल्मों को हॉरर कहा जाता था, उनमें वह हॉरर तो नहीं बल्कि थ्रिलर फिल्में होती थीं। 1920 में जब मूक फिल्में बनती थी तब धार्मिक फिल्में ही हॉरर फिल्मों की गिनती में आती थीं जिनमें नकारात्मक किरदारों के जरिए डर पैदा होता था। 1917 में रिलीज हुई दादा साहेब फाल्के की फिल्म लंका दहन और 1924 में आई काला नाग नामक फिल्म को हॉरर फिल्मों की श्रेणी में रखा जा सकता है।
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रामसे ब्रदर्स की फिल्में - फोटो : पोस्टर
रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्में
हॉरर फिल्मों की बात हो और रामसे ब्रदर्स का जिक्र ना हो तो ऐसा कैसे हो सकता है। 70 के दशक में जब कई अभिनेता अपने एक्शन से नाम कमा रहे थे वहीं रामसे ब्रदर्स की भूतिया फिल्में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पीछे नहीं थीं। उन्होंने दो गज जमीन के नीचे, दरवाजा, पुराना मंदिर, तहखाना, बंद दरवाजा, वीराना और पुरानी हवेली सहित कई डरावनी फिल्में बनाईं। उस दौर में लोग रामसे ब्रदर्स के नाम पर सिनेमाघरों मे जाते थे। फिल्म की कहानी उन्हें सीट से बांधे रखती थी।

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रामसे ब्रदर्स की फिल्में - फोटो : फिल्म
जाहिर है एक वक्त के बाद दर्शक भी हॉरर से उबने वाले थे यह बात रामसे ब्रदर्स को समझ आ गई थी ऐसे में उन्होंने हॉरर फिल्मों में कामुकता को मिला दिया जो कि आने वाले कई सालों के लिए हिट देने का फॉर्मूला साबित हुआ। रामसे ब्रदर्स को देखकर बोहरा ब्रदर्स और अन्य निर्माताओं ने ऐसी फिल्में बनाईं तो जरूर लेकिन वह इस कदर सफल नहीं हो सके।
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रात - फोटो : फिल्म
90 के दशक में हुआ बदलाव
इस दौर की फिल्में अपने मेलोडियस गानों के लिए जानी जाती हैं। सिनेमा में कई बदलाव देखने को मिले और हॉरर फिल्में बनना कम हो गई थीं। जो हॉरर फिल्में बनती भी थीं वह ब्री ग्रेड दर्जे की होती थीं। हालांकि कुछ एक अच्छे प्रयास भी देखने को मिले। 1992 में राम गोपाल वर्मा ने अभिनेत्री रेवती के साथ फिल्म रात बनाई। इसकी कहानी हॉरर के इर्द गिर्द रही और रामू अपनी कहानी से भटके नहीं। फिल्म रात को राम गोपाल वर्मा ने थ्रिलर के रूप में प्रचार किया और उनकी यह कोशिश कामयाब भी हुई।
 
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राम गोपाल वर्मा - फोटो : instagram/rgvzoomin
रिकॉर्ड तोड़ कमाई से दूर रहती हैं हॉरर फिल्में
राम गोपाल वर्मा ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन फिल्में दीं। उन्होंने फिल्मों में खूब प्रयोग किए जो शायद ही पहले कभी किए गए हों। हॉरर फिल्मों को मुख्यधारा की फिल्मों को जोड़ने का श्रेय काफी हद तक उन्हें दिया जा सकता है। हालांकि कमाई के मामले में हॉरर फिल्में बहुत कामयाब नहीं हो पाती हैं।
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राज - फोटो : फिल्म
राम गोपाल वर्मा के बाद विक्रम भट्ट ने भी राज से अच्छी कोशिश की लेकिन उसके बाद वह यह कमाल दोहरा नहीं पाए।
बीते कुछ सालों में भूत, राज, 1920, रागिनी एमएमएस, तुम्बाड और स्त्री ने दर्शकों को तो डराया ही साथ ही बॉक्स ऑफिस पर भी अपना जलवा दिखाया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बॉलीवुड से ज्यादा दक्षिण भारत में हॉरर फिल्में बनती हैं और कमाई भी खूब करती हैं।

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1920 लंदन - फोटो : फिल्म
कमाई पर असर पड़ने की बड़ी वजह इन फिल्मों को ए सर्टिफिकेट मिलना भी है जिसकी वजह से उन्हें टीवी या सैटेलाइट पर नहीं बेच सकते हैं। आज के समय में सैटेलाइट को बेचकर फिल्म निर्माण की अच्छी खासी रकम निकल जाती है। इससे इन फिल्मों को बड़ा नुकसान होता है। ऐसे  में मेकर्स को पूरी तरह सिनेमाघरों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर वहां भी फिल्म नहीं चली तो निर्माताओं को नुकसान उठाना पड़ता है जो कोई भी नहीं चाहेगा।

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भूत - फोटो : फिल्म
हॉरर फिल्मों से बड़े सितारों की दूरी
इन फिल्मों का एक अलग दर्शक वर्ग होता है। आम तौर पर हॉरर फिल्मों में कोई बड़ा सितारा नजर नहीं आता। ऐसे में मेकर्स को कम लोकप्रिय सितारों से काम चलाना पड़ता है। जब कोई ए लिस्टर्स फिल्म में ना हो तो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचकर लाना एक बड़ी मशक्कत है। हालांकि अब जब सिनेमा पहले की अपेक्षा काफी बदल गया है तो कई अभिनेता प्रयोग करने से नहीं हिचकिचाते और वह आगे आए हैं।

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stree
1979 में राजकुमार कोहली ने कई बड़े नामों को लेकर फिल्म जानी दुश्मन बनाई। इनमें संजीव कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा, सुनील दत्त, रेखा, रीना रॉय और नीतू सिंह सहित अन्य हैं। फिल्म हिट रही थी। इसी तरह रामगोपाल वर्मा की फिल्म भूत है जिसमें अजय देवगन, रेखा, तनुजा, उर्मिला मातोंडकर और नाना पाटेकर हैं। इस फिल्म को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।
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बुलबुल - फोटो : फिल्म
अब जब वक्त बदल गया है तो टीवी और सिनेमा का काफी स्पेस ओटीटी लेता जा रहा है। जहां हॉरर फिल्में देखने को मिल रही हैं। सिनेमा की तरह सेंसरशिप नहीं होने की वजह से आने वाले वक्त में और भी हॉरर फिल्में और वेब सीरीज की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी।
 
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