सोशल मीडिया पर फेक व्यूज, लाइक्स, कमेंट्स, सब्सक्राइबर्स और शेयर्स उपलब्ध कराने वाली एक कंपनी के प्रमुख को मुंबई पुलिस ने पिछले महीने गिरफ्तार किया है। लेकिन, इस आरोपी ने उन कानूनों पर ही सवाल उठा दिए हैं जिसके तहत उसे गिरफ्तार किया गया है। उसकी तरफ से अदालत में दायर बयान में कहा गया है कि जिन नियमों के तहत उसे सजा देने की बात कही जा रही है, ऐसा कोई प्रावधान न तो इंडियन पैनल कोड की किसी धारा में उपलब्ध है और न ही इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत ये कोई जुर्म है।