फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Zakir Hussain: संगीतकारों ने जाकिर हुसैन के निधन पर जताया शोक, शास्त्रीय संगीत की दुनिया का अनमोल नगीना खो गया

Mon, 16 Dec 2024 10:29 AM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम बंगाल के प्रमुख संगीतकारों ने सोमवार को तबला वादक जाकिर हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें शास्त्रीय संगीत की दुनिया का एक विनम्र कलाकार बताया।
 
विज्ञापन
1 of 6
दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
तबले को वैश्विक मंच पर ले जाने वाले 73 वर्षीय संगीतकार जाकिर हुसैन का अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में निधन हो गया। यह दुखद सूचना उनके परिवारजनों ने सोमवार को दी, जिसे सुनने के बाद मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के सभी प्रशंसक शोक में डूब गए।
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
दिवंगत जाकिर हुसैन के निधन के बाद परिवार ने एक बयान जारी किया और कहा कि हुसैन की मृत्यु इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस की वजह से हुई। दिवंगत तबला वादक जाकिर के निधन पर पश्चिम बंगाल के कई संगीतकारों ने शोक जताया है।
 
विज्ञापन

3 of 6
दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
संतूर कलाकार पंडित तरूण भट्टाचार्य ने कहा, "कोई दूसरा जाकिर हुसैन नहीं हो सकता। वह शास्त्रीय संगीत की दुनिया में आखिरी मोहिकन में से एक थे। हुसैन ने कई शास्त्रीय रागों और शैली में तबला बोल (लय) के साथ कई प्रयोग किए। यही वजह है कि तबला उनके हाथ के नीचे बोलता था।''

4 of 6
दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
तरूण भट्टाचार्य ने जाकिर को याद करते हुए कहा कि वह (जाकिर) किसी भी प्रदर्शन से पहले मंच पर मौजूद बड़ों के पैर छूते थे। वह वही व्यक्ति थे, जिन्होंने भारतीय तबले को दुनिया के सामने अलग पहचान दिलाई और भारतीय शास्त्रीय वाद्य संगीत को बीटल्स के बराबर बनाया।
विज्ञापन

5 of 6
दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
ग्लोबल इंडियन म्यूजिक एकेडमी अवार्ड विजेता और ग्रैमी के जूरी सदस्य, तबला कलाकार प्रद्युत मुखर्जी ने जाकिर हुसैन को एक बहुमुखी इंसान बताया, जो मंच पर एक महान कलाकार थे। प्रद्युत मुखर्जी ने आगे कहा, "मैं उन्हें एक गुरु के रूप में मानता हूं। हालांकि, वह आधिकारिक तौर पर मेरे गुरु नहीं थे। मैंने उनसे लय और ताल सीखी थी और वह हमेशा बहुत विनम्र स्वभाव के थे। वह कभी भी नए लोगों के लिए अहंकार नहीं दिखाते थे। जाकिर हुसैन हमेशा उभरती प्रतिभाओं की मदद करने के लिए तैयार रहते थे।" प्रद्युत मुखर्जी ने कहा, "जाकिर जी दक्षिण कोलकाता में एक तबला निर्माता की दुकान पर जाते थे और उनके वाद्ययंत्र का इस्तेमाल यहां और विदेशों में अपने प्रदर्शन के लिए करते थे।"
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9
सरोद वादक पंडित तेजेंद्र नारायण मजूमदार ने कहा कि जाकिर हुसैन नौ साल से यहां आयोजित स्वर सम्राट महोत्सव में प्रस्तुति दे रहे थे। पंडित तेजेंद्र ने आगे कहा, "हम सभी जानते थे कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, लेकिन वह बहुत जल्दी चले गए। खालीपन और नुकसान की भावना अभी बाकी है।''
Game Changer: गेम चेंजर की विदेश में शुरू हुई एडवांस बुकिंग, राम चरण ने की घोषणा, कियारा अडवाणी के फैंस भी खुश
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें