डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद
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मां का इलाज चल ही रहा था, इस बीच बाल कल्याण समिति ने फैमिली सर्विस सेंटर की मदद से उस बच्चे को अनाथ मानते हुए एक अनाथ आश्रम भेज दिया, जहां पहुंचे सिद्धार्थ आनंद ने गोद ले लिया। बच्चा और सिद्धार्थ दोनों एक दूसरे के साथ लगातार रहे और एक दूसरे से काफी हिल भी गए। सिद्धार्थ को उससे काफी भावनात्मक लगाव भी हो गया। लेकिन, तभी एक दिन बच्चे की असली मां ठीक होकर लौट आई। रिहैब ने फैमिली सर्विस सेंटर को उस महिला के ठीक होने का प्रमाण भी दे दिया है। बाल कल्याण समिति ने बच्चे और उस औरत के डीएनए टेस्ट करवाने की भी बात कही जो पूरा हो चुका है। महिला और बच्चे का डीएनए टेस्ट जेजे अस्पताल में करवाया गया जहां ये साबित हो गया है कि वह बच्चा उस औरत का ही है।