मॉनसून की पहली दस्तक मुंबई में इस बार आंसुओं की बरसात लाई है। 42 साल कोई उम्र होती है किसी के इतना कष्ट झेलने की। पहले दिल टूटा तो उसकी सर्जरी हुई। फिर गुर्दों में तकलीफ हुई तो उसका इलाज शुरू हुआ। लेकिन, कोरोना! उफ्फ़, इससे ये इलाज भी ना देखा गया और हमेशा सबके साथ हंसते मुस्कुराते रहने वाले वाजिद खान को अपने साथ ले गया, ऊपरवाले की उस महफिल में जहां शायद इरफान अभी ठीक से साज सजा भी ना पाए हों।