विवेक ओबरॉय
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विवेक ने आगे कहा- मैं खुश हूं, यही लोकतंत्र की निशानी है। लेकिन, ये सभी लोग जो बेबाक रहते हैं, कोई भी हमारी फिल्म के समर्थन में नहीं आया। यह हमारी फिल्म के साथ हो रहा है और वे हमारी फिल्म पर बैन लगाने की कोशिश कर रहे हैं। कोई एक शब्द नहीं, एक ट्वीट नहीं कर रहा। मेरे लिए, यह उचित नहीं है। यह उनके अपने सिद्धांत के प्रति ईमानदार नहीं है। यह एक दोहरा मापदंड है।