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Vishnu Puran: हिरण्यकश्यपु ने बेटे प्रह्लाद को विष देकर की मारने की कोशिश, भगवान शिव ने हर ली पीड़ा

Mon, 08 Jun 2020 09:43 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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विष्णु पुराण - फोटो : सोशल मीडिया
विष्णु पुराण (Vishnu Puran) में इन दिनों भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की कथा प्रसारित की जा रही है। दर्शक इसे पसंद भी कर रहे हैं। बीते रोज प्रसारित हुए एपिसोड में आपने देखा असुरराज हिरण्यकश्यपु अपने ही बेटे प्रह्लाद को पहाड़ से नीचे फेंकने का आदेश देता है लेकिन भगवान विष्णु का परम भक्त होने की वजह से कमल नयन उसकी रक्षा करते हैं।
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विष्णु पुराण - फोटो : सोशल मीडिया
आज 26वें एपिसोड का प्रसारण किया गया। भगवान विष्णु प्रह्लाद को बचाकर किसान की बैलगाड़ी में छोड़ देते हैं। असुरराज के सेनापति प्रह्लाद को पकड़कर राजमहल ले आते हैं। प्रह्लाद को जिंदा देखकर हिरण्यकश्यपु आग बबूला हो उठता है।
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विष्णु पुराण - फोटो : सोशल मीडिया
जब यह खबर कयादु को लगती है कि प्रह्लाद जिंदा है तो वह खुशी से झूम उठती है। वह अपने बेटे को समझाती है कि वह हिरण्यकश्यपु को अपना भगवान मान ले, लेकिन प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति पर पूरा यकीन होता है। वह अपने पति को समझाती है कि प्रह्लाद को छोड़ दें लेकिन हिरण्यकश्यपु कयादु की एक नहीं सुनता।

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विष्णु पुराण - फोटो : सोशल मीडिया
हिरण्यकश्यपु अपने सेनापति स्वरभानु की मदद से प्रह्लाद के भोजन में विष मिलाने को कहता है। विष इतना प्रभावशाली होता है कि उसे जीभ से छूते ही मृत्यु हो सकती है। माता लक्ष्मी ये प्रार्थना लेकर भगवान शिव के पास जाती हैं। भगवान शंकर प्रह्लाद के रक्षा करने का वचन देते हैं।
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विष्णु पुराण - फोटो : सोशल मीडिया
इधर स्वरभानु प्रह्लाद के भोजन में विष मिला देता है। भगवान शिव प्रह्लाद के भोजन का सारा विष ग्रहण कर लेते हैं और इस तरह भक्त प्रह्लाद के जीवन की रक्षा होती है।
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