पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में ऐसी फिल्मों की बाढ़ सी आ गई है, जिनकी कहानी सेक्स के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। एक के बाद एक लगातार ऐसी फिल्में आ रही हैं। कुछ इसे खराब मानते हैं तो कुछ बड़े सितारे इन फिल्मों के खुलकर पक्ष में आ गए हैं।
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'अश्लील फिल्में देखनी चाहिए, इसमें क्या खराबी है'
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इस समय 'विक्रम भट्ट' फिल्म 'लव गेम्स' अपने बोल्ड कटेंट को लेकर चर्चा में हैं। इस पर सेंसर बोर्ड ने भी अपनी आंखें तरेरी हैं। बताया जाता है कि कुछ सीन पर सेंसर की कैंची भी चली है। इस पर फिल्म के निर्देशक विक्रम भट्ट ने बड़ा बयान दिया है।
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'अश्लील फिल्में देखनी चाहिए, इसमें क्या खराबी है'
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हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, विक्रम भट्ट का कहना है कि अश्लील और बोल्ड कंटेंट की फिल्में देखने में कोई बुराई नहीं है। उनका कहना है कि किसको क्या देखना है, उसे ये फैसला खुद करने देना चाहिए। सेंसर बोर्ड पर विक्रम भट्ट ने जमकर निशाना साधा है।
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विक्रम भट्ट का कहना है कि भाजपा सरकार में तो सेंसर बोर्ड बेहद दकियानुसूसी हो गया है। कांग्रेस इस सरकार से बेहतर थी। पहली सरकार में फिल्मों को ज्यादा आजादी थी। विक्रम का कहना है कि आजकल सेंसर कुछ ज्यादा ही दखल दे रहा है।
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विक्रम भट्ट की 'लव गेम्स' की कहानी एक ऐसे कपल की कहानी है, जो साथ में रहते हैं। शारीरिक संबंध बनाते हैं। दोनों पार्टियों में जाकर अपने लिए पार्टनर ढूंढ़कर उनके साथ भी अंतरंग होते हैं।
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फिल्म में बेहद बोल्ड सीन फिल्माए गए हैं। इसलिए लगातर इसको लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन सेंसर के दखल ने फिल्म के निर्देशक और कलाकारों का पारा चढ़ा दिया है।
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इससे पहले फिल्म की हीरोइन पत्रलेखा भी सेंसर बोर्ड के फिल्म पर कैंची चलाने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। कई अहम सीन काटने को वो गलत बता चुकी हैं।