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साउथ का यह सितारा है 'सुपर डीलक्स', एक के बाद एक किरदारों से प्रयोग करके बन गया पैन इंडिया सुपरस्टार

Sat, 16 Jan 2021 10:41 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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विजय सेतुपति जन्मदिन विशेष - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तमिल फिल्मों के सुपरस्टार अभिनेता विजय सेतुपति ने अपने पूरे करियर में बहुत ज्यादा फिल्में नहीं की हैं लेकिन फिर भी उन्होंने अपने अभिनय के दम पर समीक्षकों और दर्शकों के दिल पर ऐसा प्रभाव छोड़ा है कि लोग उनके काम को सराहे बिना नहीं रहते। शुरुआती चार-पांच फिल्मों में तो लोगों ने उन्हें न तो जाना और न पहचाना। लेकिन, जब उन्हें पहली बार एक बड़ी भूमिका निभाने का मौका मिला तो फिर लोग उन्हें भूल नहीं पाए। फिर तो विजय ने चुन चुनकर ऐसे किरदार पकड़े कि हर किरदार के साथ सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए। तो चलिए जानते हैं आजकल 'मास्टर' फिल्म के साथ सिनेमाघरों में धूम मचा रहे विजय सेतुपति के कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में।
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थेनमेरकु पारुवाकात्रु - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : मुरुगन
फिल्म : थेनमेरकु पारुवाकात्रु (2010)

विजय ने फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत कुछ छोटे-मोटे किरदारों को करके की। उन्हें कभी हीरो के खासम खास दोस्त के किरदार में देखा जाता तो कभी किसी ऐसे किरदार में जहां उन्हें उसका श्रेय भी नहीं मिलता। एक तमिल-कन्नड़ भाषा की फिल्म 'अखाड़ा' में उन्हें मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला भी तो यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं हो पाई। निर्देशक सीनू रामासामी ने पहली बार विजय के हुनर को पहचाना और अपनी फिल्म 'थेनमेरकु पारुवाकात्रु' में मुख्य भूमिका निभाने का मौका दिया। इस फिल्म में विजय एक गडरिए मुरुगन की भूमिका में नजर आए। फिल्म में उनके काम को बहुत सराहा गया और उनका इतना नाम हो गया कि अब उन्हें बेहतरीन फिल्में मिलने लगीं। और, इस फिल्म ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते।
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सुंदरपंडियन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : जगन
फिल्म : सुंदरपंडियन (2012)

विजय सेतुपति के लिए वर्ष 2012 की तो शुरुआत ही बहुत शानदार हुई। इस साल रिलीज हुई उनकी पहली ही फिल्म 'सुंदरपंडियन' ने विजय को तमिलनाडु राज्य का फिल्म पुरस्कार दिलवाया। वह भी फिल्म में नकारात्मक भूमिका निभाने के लिए। एसआर प्रभाकरण के निर्देशन में बनी यह एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है जिसमें शशि कुमार और लक्ष्मी मेनन भी विजय के साथ मुख्य भूमिकाओं में हैं। विजय ने फिल्म में जगन नाम का किरदार निभाया है जो शशि कुमार के किरदार सुंदरपंडियन का दोस्त है और लक्ष्मी के किरदार अर्चना का दूर का रिश्तेदार। इन तीनों के बीच में ही एक लव ट्रायंगल बनता है जिसमें जगन विलेन है।

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नादेवुला कोनजम पाककथा कानोम - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : सी प्रेम कुमार
फिल्म : नादेवुला कोनजम पाककथा कानोम (2012)

विजय के लिए वर्ष 2012 में रिलीज हुई उनकी दूसरी फिल्म 'नादेवुला कोनजम पाककथा कानोम' भी पुरस्कार विजेता साबित हुई। इस फिल्म के लिए विजय को विजय अवॉर्ड्स में स्पेशल जूरी अवॉर्ड से नवाजा गया। विजय के साथ इस फिल्म में गायत्री शंकर, भगवती पेरूमल और राजकुमार जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। बालाजी थरनिथरण के निर्देशन में बनी इस कॉमेडी थ्रिलर फिल्म की कहानी भी बहुत अनोखी है। विजय के किरदार प्रेम की शादी गायत्री के किरदार धनलक्ष्मी से होने वाली है। अचानक से प्रेम को क्रिकेट खेलने का जुनून उठता है और वह हाथ आजमाने के लिए चल पड़ता है। क्रिकेट खेलते हुए एक दुर्घटना में उसके सिर पर चोट लगती है और उसे शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की दिक्कत शुरू हो जाती है। बस यही घटना होती है सभी घालमेल की जननी।
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पिज्जा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : माइकल कार्थिकेयन
फिल्म : पिज्जा (2012)

वर्ष 2012 में रिलीज हुईं विजय की तीनों ही फिल्में सुपरहिट रहीं। विजय और राम्या नम्बीसन की फिल्म 'पिज्जा' तो इतनी लोकप्रिय हुई कि इसका रीमेक वर्ष 2014 में अक्षय अक्कीनेनी ने विवेक ओबेरॉय को लेकर बनाया। प्रभु देवा को लेकर 'मरकरी' और रजनीकांत की 'पेटा' फिल्म बनाने वाले कार्थिक सुब्बाराज ने निर्देशन में अपने करियर की शुरुआत इसी फिल्म से की है। जैसा कि फिल्म का शीर्षक है, विजय ने फिल्म 'पिज्जा' में पिज्जा डिलीवरी करने वाले एक लड़के माइकल कार्थिकेयन का किरदार निभाया है। एक दिन पिज्जा की डिलीवरी देते समय माइकल एक रहस्यमय स्थिति में फंस जाता है जहां से उसकी जिंदगी बदल जाती है। फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए विजय को दक्षिण भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता क्रिटिक्स के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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सूधु कव्वुम - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : दास
फिल्म : सूधु कव्वुम (2013)

उम्र न होते हुए भी विजय ने अपने करियर में कुछ ऐसे भी किरदार निभाए हैं जो किसी कलाकार को अपने भविष्य के बारे में सोचने पर मजबूर कर सकते हैं। वर्ष 2013 में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'सूधु कव्वुम' में विजय ने 40 साल के एक अपहरणकर्ता की भूमिका निभाई है। यहां तक कि फिल्म का विचार यही है कि आखिर आज के समय में लोग जाने अनजाने लोगों की चिकनी चुपड़ी बातों में आ जाते हैं और उन पर भरोसा करने लगते हैं। ऐसे लोगों की तादाद दिन प्रतिदिन आधुनिक समाज में बढ़ती जा रही है। इस क्राइम कॉमेडी फिल्म में विजय के साथ बॉबी संभा, अशोक सेल्वन, रमेश तिलक, करुणाकरण और संचिता शेट्टी जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।
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इधरकुंठने आसायपत्ताई बालाकुमारा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : कुमारवेल
फिल्म : इधरकुंठने आसायपत्ताई बालाकुमारा (2013)

लगातार सुपरहिट फिल्म देते हुए विजय का सितारा बुलंद हो चुका था। गोकुल ने जब विजय को लेकर एक और कॉमेडी फिल्म 'इधरकुंठने आसायपत्ताई बालाकुमारा' बनाई तो इसे भी दर्शकों ने पसंद किया। यहां तक कि फिल्म को समीक्षकों से भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं। फिल्म में विजय के साथ अश्विन, स्वाति, नंदिता और पशुपति जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में रहे। यह कहानी एक मध्यमवर्गीय युवा कुमारवेल की है जो अपने सामने वाले घर में रहने वाली लड़की से प्रेम करता है। उसकी जिंदगी अचानक बैंक में काम करने वाले एक व्यक्ति से जुड़ जाती है जो अपने बॉस की उल्टी सीधी मांगों से ही परेशान रहता है। 

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पन्नईयरुम पद्मीनियम - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : मुरुगेसन
फिल्म : पन्नईयरुम पद्मीनियम (2014)

वर्ष 2014 में एस यू अरुण कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म 'पन्नईयरुम पद्मीनियम' को फिर से दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यहां विजय ने भूमिका निभाई एक विंटेज कार प्रीमियर पद्मिनी के चालक की। यह कहानी दो दोस्तों की है जिसमें एक दोस्त शनमुगम अपने दोस्त पन्नायर को अपनी विंटेज कार की देखभाल करने की जिम्मेदारी देता है। थोड़ा समय बीतने के बाद पन्नायर और उसका परिवार उस कार से लगाव कर बैठता है और बाद में अपने दोस्त को लौटाने से इंकार करता है। विजय का किरदार मुरुगेसन इस कार का चालक है। वह अपने मालिक को सही रास्ता दिखाने का काम करता है।

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धर्मा दुरई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : धर्मा दुरई
फिल्म : धर्मा दुरई (2016)

विजय सेतुपति को एक बार फिर सीनू रामासामी के निर्देशन में बनी एक ड्रामा फिल्म 'धर्मा दुरई' में मुख्य भूमिका निभाते हुए देखा गया। विजय के साथ फिल्म में तमन्ना भाटिया और ऐश्वर्या राजेश भी मुख्य भूमिकाओं में रहीं। विजय ने फिल्म में एक शराबी धर्मा दुरई की भूमिका निभाई है। धर्मा दुरई एक एमबीबीएस डॉक्टर था लेकिन अपने दो करीबी दोस्तों को खोने के बाद वह शराब का आदी हो गया। उसकी जिंदगी में बदलाव तब आता है जब वह एक बार फिर से अपने एक पुराने दोस्त से मिलता है। विजय ने यहां भी अपने अभिनय का जलवा बिखेरा और उन्हें नार्वे तमिल फिल्म फेस्टिवल समारोह और एशियाविजन समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से नवाजा गया।

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विक्रम वेदा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : वेदा
फिल्म : विक्रम वेदा (2017)

वर्ष 2017 की क्राइम थ्रिलर फिल्म 'विक्रम वेदा' में विजय का सामना हुआ एक और पैन इंडिया स्टार अभिनेता आर माधवन से। पुष्कर गायत्री के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय सेतुपति एक विलेन बने हुए नजर आए, जबकि माधवन बने हीरो। माधवन ने फिल्म में विक्रम का किरदार निभाया है जो कि एक पुलिस अफसर है। जबकि, वेदा एक अपराधी है। विक्रम का लक्ष्य है वेदा को पकड़ना। लेकिन, जब वेदा खुद ही आत्मसमर्पण कर देता है और वह विक्रम को कुछ कहानियां सुनाना शुरू करता है तो यहां से विक्रम की परेशानियां बढ़ जाती हैं। यह फिल्म मूल रूप से तमिल भाषा में रही लेकिन इसे देश के हर दर्शक ने पसंद किया। विजय ने इस फिल्म में अभिनय के दम पर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का विजय पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। जबकि, सर्वश्रेष्ठ विलेन के रूप में उन्हें आनंद विकटन सिनेमा का पुरस्कार भी मिला।

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96 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : के रामचंद्रन
फिल्म : 96 (2018)

विजय सेतुपति ने सिर्फ कॉमेडी ड्रामा और थ्रिलर फिल्मों में ही काम नहीं किया, बल्कि सी प्रेम कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म '96' को भी उन्होंने अपने अभिनय के दम पर हिट कराया। यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है जो प्रेमियों के दिल को छू लेती है। विजय ने फिल्म में रामचंद्रन एक फोटोग्राफर का किरदार निभाया है। यह कहानी राम और जानू यानी जानकी की है जो स्कूल के समय में एक दूसरे से प्रेम करते हैं। जब स्कूल रियूनियन में लगभग 22 साल बाद ये दोनों फिर से मिलते हैं तो इनके पुराने दिन ताजा हो जाते हैं। विजय ने इस फिल्म में अभिनय के लिए भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।
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सुपर डीलक्स - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किरदार : शिल्पा (मणिकम)
फिल्म : सुपर डीलक्स (2019)

विजय सेतुपति ने एक चुनौतीपूर्ण किरदार वर्ष 2019 में रिलीज हुई फिल्म 'सुपर डीलक्स' में भी निभाया। त्यागराजन कुमारराजा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय, फहद फाजिल, समांथा अक्कीनेनी और राम्या कृष्णन जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। इस फिल्म में चार कहानियां एक साथ चलती हैं। एक कहानी शिल्पा की है जिसका हिस्सा विजय हैं। विजय का किरदार मणिकम शादीशुदा और एक बेटे का पिता है। घर छोड़ने के सात साल बाद वह अपने घर एक ट्रांसजेंडर बनकर लौटता है। घर पर लौटने के बाद कुछ घटनाएं ऐसी घटती हैं कि शिल्पा का परिवार उसे हर हालत में अपनाने के लिए तैयार हो जाता है जिसकी शिल्पा को आशा भी नहीं थी। इस चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए भी विजय ने इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता।
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