फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक-दो नहीं 'बेगम जान' में हैं ये 10 धाकड़ डायलॉग्स, जरूर पढ़ें

Sun, 16 Apr 2017 12:28 PM IST
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
विज्ञापन
1 of 11
'बेगम जान' फिल्म
हाल ही में विद्या बालन की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'बेगम जान' फिल्म रिलीज हुई है। 'डर्टी पिक्चर' के बाद विद्या एक बार फिर बोल्ड अवतार में नजर आ रही हैं। फिल्म में ऐसे ताबड़तोड़ डायलॉग्स हैं जिन्हें सुनकर आपके कान सुन्न हो जाएंगे। आइए सुनते हैं 'बेगम जान' के वो डायलॉग्स जिसमें विद्या बालन के जबरदस्त तेवर दिख रहे हैं।
विज्ञापन

2 of 11
व‌िद्या बालन
पहला डायलॉगः

बाप, भाई, बेटा, शौहर... बेगम जान की चौखट के उस पार हर मर्द एक मुर्गा है, तीन टांगों वाला मुर्गा।
विज्ञापन

3 of 11
व‌िद्या बालन
दूसरा डायलॉगः

जनाब, आप जिसे जुबान से कोठा और दिमाग में रंडीखाना सोच रहे हैं वो मेरा घर है, मेरा वतन।

4 of 11
व‌िद्या बालन
तीसरा डायलॉगः

एक महीने का वक्त है, सिर्फ एक महीना... महीना हमें गिनना आता है साहब, हर बार साला लाल करके जाता है।
विज्ञापन

5 of 11
व‌िद्या बालन
चौथा डायलॉगः

तवायफ के लिए हर दिन एक जैसा होता है, एक बार बत्ती बुझी तो सब एक।
विज्ञापन

6 of 11
व‌िद्या बालन
पांचवा डायलॉगः

बेगम जान केंदी हैं कि सिर्फ जिस्म दी नहीं साडे दिल दी भी कोई कीमत होती है।
विज्ञापन

7 of 11
व‌िद्या बालन
छठा डायलॉगः

कबीर हिंदू भी हो सकता है और मुसलमान भी... बोलो किसका काम तमाम करवाना है।

8 of 11
बेगम जान
सातवां डायलॉगः

इससे पहले की कोई हमें यहां से हटाए... हम उसके हाथ, पैर और जिस्म का वो क्या कहते हैं, पार्टिशन कर देंगे।

9 of 11
विद्या बालन
आठवां डायलॉगः

कसाई की दुकान में बकरे को प्यार से घास खिलाना होता है.. प्यार है।

10 of 11
विद्या बालन
नौवां डायलॉगः

जिनके सर पर राजाओं का हाथ है ना... उनको प्यादों की मदद की जरूरत नहीं पड़ती।
विज्ञापन

11 of 11
विद्या बालन
दसवां डायलॉगः

चलती चक्की देख कर, दीया कबीरा रोए...  दो पतन के बीच में, साबित बच्चा ना होए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें