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Bhupinder Singh: गायक भूपिंदर सिंह को इस वजह से हो गई थी संगीत से नफरत, फिर यूं गायकी की दुनिया में लहराया परचम

Mon, 18 Jul 2022 11:09 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सिंगर भूपिंदर सिंह - फोटो : social media
मनोरंजन जगत ने आज एक और दिग्गज गायक को खो दिया है। दिग्गज पार्श्व गायक भूपिंदर सिंह का मुंबई में निधन हो गया। संगीत की दुनिया के दिग्गज गायक भूपिंदर सिंह को उनकी भारी आवाज के लिए जाना जाता था। उन्होंने बॉलीवुड के कई गानों को अपनी बेहतरीन आवाज से नवाजा है। उनके गाए सदाबहार गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। भूपिंदर सिंह को संगीत विरासत में मिला था और यही वजह थी, जब वह गाते थे तो सुनने वाले बस मंत्रमुग्ध रह जाते थे। जानते हैं दिग्गज गायक के बारे में खास बातें।
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गायक भूपिंदर सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
संगीत से हो गई थी नफरत
गायक भूपेंद्र सिंह का जन्म ब्रिटिश राज के दौरान साल 1940 में पंजाबी परिवार में पटियाला जन्मे थे। उनके पिता बेहद अच्छे संगीतकार थे और इसलिए उन्हें बचपन से ही संगीत की शिक्षा दी जाने लगी थी। बताया जाता है कि गायक भूपिंदर सिंह के पिता सिखाने के मामले में बेहद सख्त थे और इसी वजह से बचपन में भूपिंदर सिंह को संगीत से नफरत सी हो गई थी। उस दौरान उन्हें संगीत सीखना बिलकुल भी पसंद नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे समझ बढ़ने के साथ ही संगीत में उनकी रुचि भी बढ़ने लगी।
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भूपिंदर सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
गजल से जागी संगीत में रुचि
भूपिंदर सिंह को संगीत की शिक्षा तो घर से ही मिली थी, लेकिन सबसे पहले संगीत में गजल गाने में उनकी रुचि जागी। इसके बाद उन्होंने अपनी शुरुआत आकाशवाणी से की थी। आकाशवाणी में पहला प्रोग्राम करने के बाद उन्हें दूरदर्शन केंद्र में गाने का अवसर मिला। ऑल इंडिया रेडियो से ही उनको गायकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिला।
 

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गायक भूपिंदर सिंह - फोटो : ANI
जब संगीतकार मदन मोहन ने भेजा बुलावा
जानकारी के मुताबिक, गायक भूपिंदर सिंह गाना तो बेहतरीन गाते ही थे इसके अलावा वह गिटार भी बजाया करते थे। उन्होंने दूरदर्शन केंद्र दिल्ली में प्रस्तुति दी थी और इसी दौरान उन्होंने वायलिन और गिटार भी सीखा था। ऑल इंडिया में उनकी गायकी सुनने के बाद संगीतकार मदन मोहन ने उन्हें मुंबई बुला लिया था और उन्हें सबसे पहला मौका फिल्म हकीकत में गाने का मिला। इस फिल्म में उन्होंने 'होके मुझे मजबूर बुलाया होगा' गजल को अपनी आवाज दी। हालांकि उन्हें इससे पहचान नहीं मिली लेकिन वह लगातार गाने गाते रहे।
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Bhupinder Singh - फोटो : social media
खुद की लिखी गजलों से मिली पहचान
भूपिंदर सिंह कम बजट की फिल्मों में भी गायकी करते रहे और इसी दौरान उन्होंने खुद की लिखी गजलों में नया प्रयोग किया और ड्रम और स्पेनिश गिटार की धुन पर उन्हें पेश किया। इससे सबका ध्यान उनकी तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में "मौसम", "सत्ते पे सत्ता", "अहिस्ता अहिस्ता", "दूरियां", "हकीकत" और कई अन्य फिल्मों के गानों को अपनी आवाज दी। 
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गायक भूपिंदर सिंह - फोटो : twitter
जीवन संगिनी भी हैं गायिका
गायक भूपिंदर सिंह की पत्नी मिताली सिंह भी एक गायिका रही हैं। दोनों साल 1980 में एक-दूसरे संग शादी की थी। इसके बाद मिताली और भूपिंदर सिंह के नाम से साथ में दोनों ने कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिससे उन्हें खासी लोकप्रियता हासिल हुई। गायक भूपिंदर सिंह का निजी और पेशेवर जीवन सफल रहा बस उन्हें एक ही कमी रही कि उनकी कोई संतान नहीं हुई।
 
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