kadar khan
तो चलते-चलते कादर ख़ान के कुछ यादगार संवाद
हम -मोहब्बत को समझना है तो प्यारे ख़ुद मोहब्बत कर, किनारे से कभी अंदाज़े तूफ़ान नहीं होता।
अग्निपथ- विजय दीनानाथ चौहान, पूरा नाम, बाप का नाम दीनानाथ चौहान, मां का नाम सुहासिनी चौहान, गांव मांडवा, उम्र 36 साल 9 महीना 8 दिन और ये सोलहवां घंटा चालू है.
कुली- हमारी तारीफ़ ज़रा लंबी है.बचपन से सर पर अल्लाह का हाथ और अल्लाहरख्खा है अपने साथ. बाजू पर 786 का है बिल्ला, 20 नंबर की बीड़ी पीता हूं, काम करता हूँ कुली का और नाम है इक़बाल
अंगार- ऐसे तोहफे (बंदूकें) देने वाला दोस्त नहीं होता है, तेरे बाप ने 40 साल मुंबई पर हुकूमत की है इन खिलौनों के बल पर नहीं, अपने दम पर
सत्ते पे सत्ता- दारू-वारू पीता नहीं अपुन. मालूम क्यों ? क्योंकि दारू पीने से लिवर ख़राब हो जाता है. वो उस दिन क्या हुआ अपुन दोस्त का शादी में गया था. उस दिन ज़बरदस्ती चार बाटली पिलाई. वैसे मैं दारू नहीं पीता क्योंकि दारू पीने से लिवर ख़राब हो जाता है।